तनाव की पराकाष्ठा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर होता दिख रहा है। शुक्रवार को जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमले के बाद से दोनों देशों के बीच ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों का दौर जारी है। शनिवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार आठवें दिन की गई बमबारी का जवाब ईरान ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर दिया है।
ऑपरेशन थंडरबोल्ट के जरिए निशाना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को पुष्टि की कि उसने ऑपरेशन थंडरबोल्ट के 16वें चरण के तहत कुवैत में दो अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर कामिकाजे (Kamikaze) ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कैंप उदैरी के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम एयर बेस पर स्थित पैट्रियट रडार सिस्टम को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है।
रणनीतिक महत्व के अड्डे बने निशाना ईरान द्वारा निशाना बनाए गए ये ठिकाने अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अल-अदिरेह शिविर ईरान की सीमा से महज 104 किलोमीटर दूर है और अमेरिकी सेना का प्रमुख सपोर्ट हब है। वहीं, अली अल सलेम बेस पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का सबसे बड़ा हवाई मार्ग माना जाता है।
जॉर्डन से शुरू हुई तबाही शुक्रवार-शनिवार की रात जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने घातक हमला किया था। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक सैनिकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। इस हमले के जवाब में अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इन हमलों का एक बड़ा मकसद ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य पर पकड़ को कमजोर करना है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा से तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।
युद्ध के आंकड़े और टूटते समझौते 28 फरवरी से शुरू हुए इस ताजा सैन्य संघर्ष में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, जबकि 430 से अधिक घायल हुए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पिछले महीने हुआ अंतरिम समझौता (MoU) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते को रद्द करते हुए युद्ध जारी रखने का संकेत दिया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी आधिकारिक रूप से एमओयू से पीछे हटने का ऐलान कर दिया है। फिलहाल, ईरान के कई शहरों में एयरपोर्ट, पुल और रेलवे स्टेशनों पर अमेरिकी मिसाइलें कहर बरपा रही हैं।
Iran strikes two key US bases in Kuwait with drones
— Sputnik (@SputnikInt) July 19, 2026
The IRGC stated Iranian forces hit Al-Adireh camp (ammunition depot) and Al‑Salim base (Patriot radar and air defense) in the 16th phase of Operation Thunderbolt.
Al-Adireh is 104 km from Iran s border — a major support hub… pic.twitter.com/PQAJWCJt7c
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