लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा धमाका किया है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही यूपी के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह एनडीए के भीतर किसी बड़ी खींचतान का संकेत है या फिर अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) समीकरण को चुनौती देने की कोई सोची-समझी रणनीति?
पंडित से पासवान तक का नया फॉर्मूला
चिराग पासवान ने पारंपरिक जाति आधारित राजनीति से हटकर पंडित से लेकर पासवान तक का नया नारा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि चिराग इसके जरिए सवर्णों और दलितों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह कदम 2007 में मायावती द्वारा किए गए सोशल इंजीनियरिंग प्रयोग की याद दिलाता है। चिराग इस नारे के माध्यम से समाज के हर वर्ग को खुद से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
संगठन विस्तार या दबाव की राजनीति?
पार्टी का कहना है कि वे अगले कुछ महीनों में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और सदस्यता अभियान चलाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सभी सीटों पर तैयारी का दावा करना एक पुरानी कूटनीति है। इससे गठबंधन होने की स्थिति में पार्टी को सीट बंटवारे के दौरान बड़े सहयोगियों से बेहतर मोलभाव करने की ताकत मिलती है। यदि गठबंधन नहीं होता है, तो पार्टी अकेले भी मैदान में उतरने के लिए तैयार है।
अखिलेश के पीडीए को चुनौती?
इस फैसले को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की घेराबंदी के रूप में भी देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने संविधान और आरक्षण का मुद्दा उठाकर दलित मतदाताओं को बड़े पैमाने पर अपने पाले में किया था। अब एक युवा दलित चेहरे के तौर पर चिराग पासवान, अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) समीकरण को सीधे चुनौती देना चाहते हैं।
मायावती का खाली स्थान भरने की कोशिश
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ समय से मायावती और बसपा का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। दलित राजनीति में जो नेतृत्व का शून्य पैदा हुआ है, चिराग पासवान उसे भरने की कोशिश में हैं। वह खुद को एक आधुनिक, पढ़े-लिखे और राष्ट्रीय स्तर के दलित नेता के रूप में पेश कर गैर-जाटव दलित मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
फिलहाल चिराग का यह ऐलान यूपी की चुनावी बिसात पर कितना असर डालेगा, यह आने वाला वक्त तय करेगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि चिराग ने भाजपा और सपा दोनों के लिए आगामी विधानसभा चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर Chirag Paswan ने बड़ा बयान दिया है।
— KUMAR (@MyCric101) July 18, 2026
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ना तय है, लेकिन पार्टी गठबंधन के तहत मैदान में उतरेगी या अकेले चुनाव लड़ेगी, इस…
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