ताबूत में ट्रंप का पूरा परिवार! तेहरान के इन पोस्टरों से ईरान दे रहा है आर-पार की धमकी
News Image

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल मिसाइलों और कूटनीतिक वार्ताओं तक सीमित नहीं रहा है। तेहरान की सड़कों पर लगे कुछ बेहद आक्रामक पोस्टर दुनिया के लिए चिंता का सबब बन गए हैं। इन पोस्टरों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके पूरे परिवार को ताबूतों में दिखाया गया है, जो दोनों देशों के बीच गहरी होती दुश्मनी की एक नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

तेहरान का भयावह प्रदर्शन

ईरान की राजधानी के प्रसिद्ध पैलेस्टाइन स्क्वायर पर एक विशाल म्यूरल (दीवार पर बनी पेंटिंग) लगाया गया है। इसमें ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया और पांचों बच्चों की तस्वीरें हैं, जिनके नीचे अमेरिकी झंडे से ढके ताबूत बने हैं। पृष्ठभूमि में जलता हुआ व्हाइट हाउस दिखाया गया है, जिस पर लिखा है— खून के बदले खून (Blood for Blood)।

आखिर क्यों लगा ये पोस्टर?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ईरान का अपने शीर्ष नेताओं की मौतों का बदला लेने का तरीका है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल ने उनके कई महत्वपूर्ण नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया है। यह पोस्टर उस गुस्से और बदले की भावना का सार्वजनिक इजहार है, जिसे ईरान अपनी नीति के तौर पर पेश कर रहा है।

क्या ये सिर्फ शुरुआत है?

तेहरान में सिर्फ एक पोस्टर नहीं, बल्कि ऐसे कई संदेश जगह-जगह दिखाई दे रहे हैं। ग्हेलाब स्क्वायर पर लगे एक अन्य पोस्टर में ट्रंप को काले ताबूत में लेटा दिखाया गया है, जिस पर फारसी और अंग्रेजी में लिखा है— हम ट्रंप को मार देंगे । इसके अलावा, कई पोस्टरों में ट्रंप के चेहरे को स्नाइपर राइफल के क्रॉसहेयर (निशाने) के अंदर दिखाया गया है।

अगला कौन? का खतरनाक संदेश

इन पोस्टरों में सिर्फ ट्रंप ही नहीं, बल्कि अन्य अमेरिकी नेताओं को भी डराने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में दिवंगत हुए सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम के नीचे पोस्टर में लिखा गया, अगला कौन? (Who s next?)। यह सीधे तौर पर अमेरिकी नेतृत्व को धमकाने का एक आक्रामक लहजा माना जा रहा है।

क्या बिगड़ सकते हैं हालात?

ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि ईरान ने किसी भी तरह की हत्या का प्रयास किया, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया विनाशकारी होगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ये पोस्टर सीधे तौर पर सैन्य हमला नहीं हैं, लेकिन ये दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खाई को और बढ़ा रहे हैं। यदि दोनों पक्ष इसी तरह की सख्त भाषा का इस्तेमाल जारी रखते हैं, तो मध्य-पूर्व की स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

जाको राखे साइयां मार सके न कोय: सोते हुए मासूम की ओर बढ़ा जहरीला नाग, मोर ने फरिश्ता बनकर बचाई जान

Story 1

ईरान में फिर दहनी धरती: खुजेस्तान में 5.0 तीव्रता के शक्तिशाली झटकों से मची दहशत

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप 2026: इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ एम्बाप्पे का नाम, बनाए ये बड़े रिकॉर्ड

Story 1

सोनम वांगचुक की सेहत पर गहराया संकट: ब्लड पैरामीटर्स में बदलाव, डॉक्टरों की टीम 24/7 निगरानी में

Story 1

अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती: बागी नेता वापस आए तो इस्तीफा दे दूंगा , BJP ने कसा तंज

Story 1

ममता बनर्जी को बड़ा झटका: 20 बागी सांसदों को मिली अलग पहचान, लोकसभा में घटी TMC की ताकत

Story 1

यात्रीगण कृपया ध्यान दें : रेलवे की उस जादुई आवाज के पीछे कौन है?

Story 1

ताऊ ने घर पर लगाया ताला: डीएम के सामने कक्षा 8 के छात्र की बेबाक फरियाद बनी चर्चा का विषय

Story 1

# तेल नहीं, अब पानी है जंग का सबसे बड़ा हथियार: ईरान के हमले से कांप उठा खाड़ी क्षेत्र

Story 1

यूपी में वायरल: कहीं तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार, तो कहीं फ्रिज में शिवलिंग का चमत्कार