यात्रीगण कृपया ध्यान दें ... ट्रेन में सफर करने वाला शायद ही कोई ऐसा इंसान हो, जिसने यह वाक्य न सुना हो। स्टेशन पर शोर के बीच जब यह मीठी आवाज गूंजती है, तो यात्रियों का ध्यान अनायास ही लाउडस्पीकर की ओर चला जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस आवाज के पीछे कौन है?
एक चेहरा, जो गुमनाम रहा बहुत से लोग बरसों तक यही समझते रहे कि यह किसी कंप्यूटर की आवाज है। हकीकत में, यह आवाज सरला चौधरी की है। सरला का नाम भले ही हर कोई न जानता हो, लेकिन उनकी आवाज भारत के हर रेलवे स्टेशन की पहचान बन चुकी है।
कैसे शुरू हुआ सफर? सरला के पिता रेलवे में कार्यरत थे। साल 1982 में रेलवे ने स्टाफ के बच्चों के लिए तीन महीने की एक अस्थायी भर्ती निकाली। सरला ने भी अपनी किस्मत आजमाई और वॉइस टेस्ट में शामिल हुईं। अपनी मधुर आवाज के जादू से उन्होंने सैकड़ों आवेदकों को पछाड़ते हुए अनाउंसर का पद हासिल कर लिया।
परमानेंट हुआ हुनर 13 जुलाई 1982 को सरला ने अपना सफर शुरू किया। रेलवे को उनका काम इतना पसंद आया कि तीन महीने की वह अस्थायी नौकरी 1986 में स्थाई हो गई। साल 2000 में रिटायरमेंट तक, उनकी आवाज रेलवे का अहम हिस्सा बनी रही।
कंप्यूटर से पहले का दौर आज की तरह उस समय कंप्यूटर नहीं थे। 1986 में जब सरला को रिकॉर्डिंग का जिम्मा मिला, तो काम बेहद चुनौतीपूर्ण था। एक परफेक्ट अनाउंसमेंट रिकॉर्ड करने के लिए उन्हें 3 से 4 दिन तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और मराठी जैसी कई भाषाओं में स्टेशनों के नाम रिकॉर्ड किए।
आज भी जिंदा है सरला की आवाज 1991 में जब रेलवे ने कंप्यूटरीकरण अपनाया, तो सरला की आवाज को डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित कर लिया गया। आज रेलवे का ट्रेन मैनेजमेंट सिस्टम उन्हीं की रिकॉर्ड की गई बेस वॉइस का उपयोग करता है।
कंप्यूटर आज सरला की पुरानी ऑडियो क्लिप्स के टुकड़ों को जोड़कर नए स्टेशन या प्लेटफॉर्म नंबर के साथ मिक्स कर देता है। यही कारण है कि साल 2015 के बाद सिस्टम पूरी तरह तकनीक पर आधारित होने के बावजूद, सरला की वो जादुई आवाज आज भी स्टेशनों पर उसी मिठास के साथ सुनाई देती है।
Did You Know?
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) March 26, 2023
कृप्या ध्यान दीजिए!
Remember the voice that echoes in our minds while recalling our train journey?
This distinctively unique voice belongs to Smt. Sarala Chaudhary, a proud member of the Railway family. pic.twitter.com/9DjEC92bQf
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