जम्मू-कश्मीर में हो रही मूसलाधार बारिश ने अब चिनाब नदी के तेवर बदल दिए हैं। रियासी जिले में स्थित सलाल जलविद्युत परियोजना पर भारी दबाव के चलते प्रशासन को बांध के सभी स्पिलवे गेट खोलने पड़े हैं। इस कदम से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बांध प्रबंधन के अनुसार, डोडा, किश्तवाड़ और रियासी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हो रही है। सलाल एक रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है, जिसमें पानी जमा करने की क्षमता सीमित है। जलाशय पर बढ़ते दबाव और बांध की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से डिस्चार्ज करना अनिवार्य हो गया था।
चिनाब नदी का बहाव आगे जाकर पाकिस्तान में प्रवेश करता है। भारत द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत, विशेषकर सियालकोट और मराला बैराज के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जो पाकिस्तान हाल तक पानी की किल्लत से जूझ रहा था, अब उसे अचानक आए इस सैलाब का सामना करने के लिए कमर कसनी पड़ रही है।
रियासी जिला प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए कड़ी एडवाइजरी जारी की है। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को आगाह किया जा रहा है कि वे नदी के करीब न जाएं, मवेशियों को दूर रखें और बच्चों पर पैनी नजर रखें। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी प्रकार की लापरवाही को जानलेवा बताया है।
संभावित बाढ़ के खतरे को भांपते हुए जम्मू, रामबन और अखनूर में भी सुरक्षा एजेंसियों और एसडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है और इसे सुरक्षा मानकों के अनुरूप अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि, निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को प्रशासन की ओर से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
*VIDEO | Jammu and Kashmir: All gates of Salal dam opened after Chenab water level rises, advisory has been issued. pic.twitter.com/NCYtBhGSbx
— Press Trust of India (@PTI_News) July 18, 2026
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