मलाड में फिर गरमाया सफेद पट्टी का मुद्दा आर्थिक राजधानी मुंबई में सार्वजनिक सड़कों पर बनी सफेद पट्टियों को लेकर विवाद फिर से भड़क उठा है। घाटकोपर के बाद अब मलाड ईस्ट में जैन समुदाय द्वारा सड़क पर खींची गई सफेद पट्टी ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पूरी तरह से आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
मनसे ने किया लाल रंग से विरोध मलाड ईस्ट के दफ्तरी रोड पर जैसे ही सफेद पट्टी की सूचना मिली, मनसे कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। मलाड विभाग अध्यक्ष महेश फरकासे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पट्टी के ऊपर लाल रंग से जाहिर निषेध (सार्वजनिक विरोध) लिख दिया। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर इस तरह अवैध पेंटिंग करना नियमों का उल्लंघन है और प्रशासन को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
BMC ने मामले को किया शांत विवाद बढ़ता देख बीएमसी (BMC) ने तुरंत दखल दिया और लाल रंग से लिखे गए विरोध संदेश को काले रंग से पोत दिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम कड़ी निगरानी रख रही है।
क्या घाटकोपर जैसा बनेगा ये मामला? यह विवाद नया नहीं है। जून महीने में घाटकोपर की कैलास एवेन्यू सोसाइटी में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जो बाद में धार्मिक और सामाजिक विवाद में बदल गया था। उस समय पुलिस की मध्यस्थता से मामला शांत हुआ था। मलाड की ताजा घटना ने यह संकेत दे दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर आस्था के प्रदर्शन को लेकर समाज के दो वर्ग आमने-सामने हैं।
सफेद पट्टी के पीछे का तर्क और विरोध इस पट्टी के पीछे जैन समुदाय की धार्मिक भावनाएं और जीव-दया का तर्क है। समुदाय का मानना है कि मानसून में सड़कों पर काई जमने से रोकने और छोटे जीवों को सुरक्षा देने के लिए ये पट्टियां बनाई जाती हैं, ताकि वे राहगीरों के पैरों के नीचे न आएं।
वहीं, मनसे जैसी पार्टियां इसे सार्वजनिक संपत्ति का अतिक्रमण मानती हैं। उनका तर्क है कि निजी आस्था के नाम पर सार्वजनिक सड़कों का उपयोग किसी भी सूरत में जायज नहीं है। फिलहाल, मलाड में शांति है, लेकिन यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में एक नई बहस का कारण बन गया है।
मुंबई के मालाड ईस्ट में सड़क पर जैन समुदाय द्वारा बनाई गई सफेद पट्टी को लेकर विवाद बढ़ गया। MNS कार्यकर्ताओं ने उस पर लाल रंग से जाहीर निषेध लिखकर विरोध जताया। BMC ने बाद में इसे काले रंग से ढक दिया। मामले को लेकर इलाके में कुछ देर तनाव रहा, पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। pic.twitter.com/OFlWriFIxB
— Goraksha Pophlee (@PophleeGor51025) July 18, 2026
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