दिल्ली-NCR समेत देशभर में बादलों का धोखा , आखिर बरस क्यों नहीं रहे मानसून के बादल?
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10 दिनों से बारिश का इंतजार देशभर में मानसून का मिजाज अजीबोगरीब बना हुआ है। सैटेलाइट तस्वीरों में घने बादलों की मोटी परत साफ दिख रही है, लेकिन जमीन तक पानी नहीं पहुंच रहा। पिछले 10 दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर राज्यों में झमाझम बारिश का इंतजार बरकरार है। लोग उमस और भीषण गर्मी से बेहाल हैं।

औसत से 24 फीसदी कम बारिश जुलाई का आधा महीना बीत चुका है, लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में सामान्य से लगभग 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बादल आते हैं, आकाश को घेरते हैं, लेकिन बिना एक बूंद बरसाए आगे निकल जाते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों की यह बेरुखी न केवल आम जनजीवन के लिए मुसीबत बनी है, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी चिंता का बड़ा कारण बन गई है।

मानसून ट्रफ का रास्ता भटका मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस स्थिति के पीछे ब्रेक इन मानसून जिम्मेदार है। बारिश कराने वाली मुख्य मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति (मैदानी इलाकों) से खिसककर हिमालय की तलहटी और पूर्वी भारत की ओर चली गई है। यही कारण है कि नमी केवल कुछ इलाकों तक ही सिमट गई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत सूखा पड़ा है।

अल नीनो का साया इस बदलते पैटर्न के पीछे अल नीनो का असर मुख्य वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में शुष्क और गर्म हवा की एक अदृश्य परत बन गई है, जो नमी को संघनित होकर भारी बूंदों में बदलने से रोक रही है। हवा में उमस तो है, लेकिन बादल भारी नहीं हो पा रहे हैं। अल नीनो के कारण मानसून की दिशा लगातार प्रभावित हो रही है।

कब टूटेगा बादलों का मौन? मौसम विभाग की मानें तो यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। संभावना जताई जा रही है कि 20 से 24 जुलाई के बाद मानसून ट्रफ एक बार फिर अपने सामान्य स्थान पर लौटेगी। इससे उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

अगले 3 दिनों तक उमस का अलर्ट फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के लोगों को गर्मी और उमस से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। IMD ने अगले तीन दिनों के लिए गर्मी और उमस का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, पंजाब और हरियाणा में कुछ दिनों के भीतर अच्छी बौछारें पड़ने की आसार जताए गए हैं। तब तक देश को बादलों के इस लुका-छिपी के खेल का सामना करना ही होगा।

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