युद्ध की विभीषिका: ईरान के कैंसर अस्पताल के पास मिसाइल हमला, मची अफरातफरी
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अहवाज़ में दहशत का माहौल ईरान के दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज़ में बुधवार को एक भीषण मिसाइल हमला हुआ। यह हमला सीधे तौर पर बोगायी अस्पताल 2 के पास के इलाकों को निशाना बनाकर किया गया, जो कैंसर रोगियों के इलाज के लिए समर्पित एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट की चिंता बढ़ा दी है।

अस्पताल से भागने को मजबूर हुए मरीज ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन करमनपुर ने सोशल मीडिया पर स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि हमले की तीव्र आवाज और जोरदार झटकों के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन दहशत में आ गए। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल छोड़कर भाग गए। फिलहाल, वहां केवल वही मरीज बचे हैं जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या जिनकी हालत बेहद गंभीर है।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का दूसरा चरण यह हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों की दूसरी लहर के दौरान हुआ। अमेरिकी सेना का दावा है कि उनका उद्देश्य उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है। इससे पहले, ग्रेटर टुनब द्वीप पर स्थित ईरानी तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज़ मिसाइल साइटों को भी निशाना बनाया गया था।

वैश्विक ऊर्जा गलियारे पर संकट इस सैन्य टकराव ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के फैसले के बाद से समुद्री यातायात ठप हो गया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 84.95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो एक महीने का उच्चतम स्तर है।

क्या आगे और बढ़ेगा तनाव? ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने कड़े तेवर बरकरार रखे हैं। प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहम्मदी ने चेतावनी दी है कि ईरान का ध्यान अब क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष का केवल शुरुआती चरण है और आगे की कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।

एक उम्मीद की किरण बढ़ते तनाव के बीच, एक राजनयिक राहत की खबर भी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि दिसंबर 2024 से ईरान की हिरासत में रहे एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया गया है। इसे तेहरान द्वारा सद्भावना का एक संकेत माना जा रहा है, हालांकि दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्ष में फिलहाल कोई कमी आती नहीं दिख रही है।

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