गुलाबी नगरी जयपुर में 9 साल की मासूम छात्रा की आत्महत्या का मामला अब एक नए मोड़ पर आ गया है। हाल ही में सामने आए क्लासरूम के एक CCTV फुटेज ने पूरे घटनाक्रम को झकझोर कर रख दिया है। इस वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामने आए वीडियो में घटना के ठीक बाद का दृश्य कैद है। मृतक बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि जब उनकी बेटी की जान जा रही थी और क्लास के अन्य बच्चे दहशत में थे, तब उनकी क्लास टीचर का बर्ताव बेहद उदासीन था।
वीडियो में टीचर कथित तौर पर बच्चों को चुप रहने की हिदायत देते हुए अपनी नोटबुक चेक करने में व्यस्त दिख रही हैं। परिवार का कहना है कि एक शिक्षक के रूप में यह संवेदनहीनता किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह जानने की कोशिश तक नहीं की कि आखिर उस मासूम के साथ क्या हुआ था।
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई अदालत में होनी थी, जिस पर पूरे शहर की नजरें टिकी थीं। हालांकि, आरोपी पक्ष के वकील ने व्यक्तिगत कठिनाइयों का हवाला देकर अतिरिक्त समय की मांग की, जिसके कारण सुनवाई टाल दी गई।
पीड़ित परिवार के वकील अमित सिंह ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताया है। उन्होंने मांग की है कि मामले में स्कूल मैनेजमेंट और प्रिंसिपल की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चार्जशीट में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी सख्त धाराएं जोड़ने की अपील की है।
वायरल दावों के अनुसार, बच्ची को लंबे समय से क्लासरूम में प्रताड़ित किया जा रहा था। सहपाठियों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल और टीचर की तीखी टिप्पणियों ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
यह घटना स्कूलों में बढ़ती बुलीइंग (धौंस-पट्टी) और मानसिक उत्पीड़न के खतरनाक ट्रेंड को उजागर करती है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि स्कूलों में शिक्षकों को मेंटल हेल्थ और संकट प्रबंधन की ट्रेनिंग नहीं दी गई, तो भविष्य में ऐसे दुखद हादसों को रोकना मुश्किल होगा।
फिलहाल, जयपुर पुलिस ने नए वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जांच अब स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली के इर्द-गिर्द सिमट गई है। यह मामला सिर्फ एक बच्ची की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस माता-पिता के मन में डर पैदा कर रहा है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं।
न्याय और सच्चाई के लिए अब सभी की निगाहें अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं। क्या स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से बच पाएगा? यह सवाल अब पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था को आईना दिखा रहा है।
*Newly surfaced classroom footage from after 9-year-old Amaira Mina s d*ath shows a tense atmosphere inside the classroom, with the class teacher appearing visibly distressed, another teacher informing her about the incident, and shocked students looking on.
— Edge News (@EdgeNewsIN) July 14, 2026
The visuals have… pic.twitter.com/ArSyHLLlDO
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