सीधे सैन्य टकराव की ओर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौतों के टूटने के बाद अब दोनों देश सीधे सैन्य संघर्ष के मुहाने पर आ गए हैं। ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। इस हमले ने मध्य-पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
नस्र-2 ऑपरेशन का हिस्सा ईरान ने इस हमले को अपने सैन्य अभियान नस्र-2 का दूसरा चरण करार दिया है। मंगलवार तड़के या लिसारात अल-हुसैन के नारे के साथ किए गए इस हमले में अमेरिकी सैनिकों के ठहरने के स्थानों और सैन्य बुनियादी ढांचे को टारगेट किया गया। IRGC का कहना है कि यह उन अमेरिकी गतिविधियों का जवाब है, जो ईरान के खिलाफ संचालित की जा रही थीं।
मीनाब का बदला? ईरान ने इस हमले को न्यायपूर्ण प्रतिशोध बताया है। तेहरान का आरोप है कि जॉर्डन के इसी बेस का उपयोग कर अमेरिकी विमानों ने ईरान के मीनाब शहर में निर्दोष स्कूली बच्चों और शिक्षकों को निशाना बनाया था, जिसमें 186 लोगों की जान गई थी। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई उन्हीं मासूमों की शहादत का बदला है।
जॉर्डन की जनता को संदेश हमले की गंभीरता के बावजूद, ईरान ने जॉर्डन की जनता को आश्वस्त करने की कोशिश की है। IRGC ने स्पष्ट किया, हमारी लड़ाई जॉर्डन या वहां के नागरिकों से नहीं है, हम उनका सम्मान करते हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य उस विदेशी सैन्य उपस्थिति को खत्म करना है, जो क्षेत्र को अस्थिर कर रही है। ईरान ने जॉर्डन के लोगों से अपील की है कि वे अमेरिकी बेस हटाने के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाएं।
गाजा और फिलिस्तीन का कार्ड अपने संदेश में ईरान ने फिलिस्तीन और गाजा के संकट का जिक्र कर क्षेत्रीय भावनाओं को भुनाने की कोशिश की है। ईरान का तर्क है कि यदि क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य अड्डों का खात्मा होता है, तो इससे फिलिस्तीनियों को न्याय मिलेगा और पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा का एक नया अध्याय शुरू होगा।
जॉर्डन की जवाबी सतर्कता उधर, जॉर्डन प्रशासन ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने सक्रिय होकर ईरान की चार मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया। जॉर्डन की ओर से अभी तक किसी भी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि अमेरिका इस सीधे हमले का क्या जवाब देता है।
🛰 Satellite imagery shows dark marks over two facilities in Jordan s Muwaffaq Salti Air Base. While these could indicate impact damage, they may also be related to ongoing construction.
— Soar (@SoarAtlas) July 13, 2026
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