पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय जनता का आक्रोश अब ज्वालामुखी की तरह फट चुका है। करीब एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने न केवल पाकिस्तानी सरकार को हिला दिया है, बल्कि सेना की उस कश्मीर नीति की कलई भी खोल दी है जिसे वे पिछले सात दशकों से ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।
आजादी का चूरन अब और नहीं बिकेगा रावलकोट में प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे जावेद इकबाल ने पाकिस्तानी सत्ता और सेना को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, पिछले 78 सालों से आपने हमें कश्मीर की आजादी का चूरन बेचा है, लेकिन अब हम इसे और नहीं खरीदेंगे। इस बयान ने इस्लामाबाद के उस प्रोपेगैंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिसके सहारे पाकिस्तान दुनिया भर में भारत विरोधी एजेंडा चलाता रहा है।
आतंक की ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल हुई नीति फेल जानकारों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना ने पीओके में कश्मीर के नाम पर जनता को बरगलाया है। इसी नीति की आड़ में लंबे समय तक आतंकियों को ट्रेनिंग दी गई और टेरर कैंप चलाए गए। अब स्थानीय लोग इस खेल को समझ चुके हैं। वे समझ गए हैं कि कश्मीर मुक्ति का राग केवल पाकिस्तानी हुक्मरानों की अपनी सत्ता और सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव को बनाए रखने का एक जरिया मात्र है।
JAAC का आंदोलन और सेना का दमन जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन अब व्यापक रूप ले चुका है। महंगाई, बिजली की कीमतों और स्थानीय अधिकारों को लेकर शुरू हुआ यह संघर्ष अब राजनीतिक आजादी की मांग में बदल गया है। वहीं, पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई दमनकारी कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है।
27 जुलाई को हो सकता है बड़ा धमाका पीओके में हालात और खराब होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी 38-सूत्रीय आर्थिक और संवैधानिक मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
तनाव इतना गहरा है कि स्थानीय प्रशासन ने किसी भी बड़े मार्च को रोकने के लिए भारी हथियारों से लैस हजारों अतिरिक्त संघीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की है। सरकार का दमनकारी रुख यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में पीओके में स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है।
*The 78-year-old Churan of liberation sold by the Pak Army is officially dead and exposed in Pakistan’s Occupied Jammu & Kashmir. 🚨
— Shivank Mishra (@shivank_8mishra) July 12, 2026
Protest leader Javed Iqbal exposes Islamabad s hypocrisy at Rawalakot:
For 78 years, they sold us the Srinagar liberation Churan. That fake… pic.twitter.com/RJ1Pm1yoF8
मौत से खिलवाड़: छोटे बच्चों का जहरीले सांपों के साथ खतरनाक खेल, वीडियो देख सहमे लोग
बैंकॉक पब अग्निकांड: टॉयलेट में फंसीं 27 मौतें, दावत-ए-मौत बनीं पब की दीवारें
इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया में बड़ा फेरबदल: गंभीर के इन दो करीबी सहयोगियों पर गिर सकती है गाज!
अनिल मेनन: अंतरिक्ष की उड़ान भरने वाले पहले मलयाली, मंगल मिशन की राह होगी आसान
E20 पेट्रोल का ग्राउंड टेस्ट : केजरीवाल के सामने खुली पोल, माइलेज धड़ाम और गाड़ी बार-बार खराब
अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला: 5 राज्यों को बनाया निशाना, तेहरान ने दी युद्ध की चेतावनी
विंबलडन में बॉस बेबी का जलवा: काला सूट, ब्लैक चश्मा और युवराज सिंह से मिली गुरुमंत्र
क्या अब पूजा के लिए लेनी होगी BJP से अनुमति? सुंदरकांड पाठ पर संजय सिंह का तीखा प्रहार
बिहार में अब हवाई सफर से घूमें पर्यटन स्थल: हेली-टूरिज्म सेवा शुरू, टिकट पर भारी सब्सिडी
18 साल का सुनहरा युग खत्म: IPL के सबसे सफल कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने CSK को कहा अलविदा