रिजेक्शन से एल तोरो बनने का सफर: अर्जेंटीना के हीरो लौतारो मार्टिनेज की प्रेरणादायक कहानी
News Image

मैच के आखिरी पलों में निर्णायक वार वही खिलाड़ी महान होता है जो मुकाबला खत्म होने की कगार पर विरोधी टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दे। रविवार के खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच कांटे की टक्कर थी। मुकाबला 2-2 की बराबरी की ओर बढ़ रहा था और अर्जेंटीना पर दबाव साफ था। ऐसे नाजुक मोड़ पर लौतारो मार्टिनेज ने शानदार गोल दागकर मैच का रुख बदल दिया। इस गोल ने न केवल अर्जेंटीना को जीत दिलाई, बल्कि पूरे फुटबॉल जगत में मार्टिनेज का नाम सुर्खियों में ला दिया।

कद के कारण झेलना पड़ा था अपमान मार्टिनेज की सफलता की राह आसान नहीं थी। उनकी ऊंचाई 5 फीट 9 इंच है, जिसे फुटबॉल की दुनिया में आदर्श नहीं माना जाता। इसी कद-काठी के कारण उन्हें बचपन में बोका जूनियर्स जैसे बड़े क्लबों ने ट्रायल के दौरान ही रिजेक्ट कर दिया था। उन्हें साफ कहा गया कि वह फुटबॉल के लिए फिट नहीं हैं।

जब फुटबॉल छोड़ने का बना लिया था मन लगातार मिल रहे रिजेक्शन से लौतारो का मनोबल पूरी तरह टूट चुका था। वह खेल से संन्यास लेने की कगार पर थे। तब उनके माता-पिता एक ढाल बनकर खड़े हुए। उनकी मां ने उन्हें समझाया कि फुटबॉल में कद से ज्यादा दम और पोजीशनिंग मायने रखती है। इसी मंत्र को अपनाकर मार्टिनेज ने फिर से मैदान में वापसी की।

कैसे पड़ा एल तोरो (सांड) नाम? मार्टिनेज को एल तोरो यानी सांड कहा जाता है। यह नाम उन्होंने अपनी आक्रामकता से कमाया है। बचपन में जब वह अपने से बड़े और मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते थे, तो वह किसी भी डिफेंडर से नहीं डरते थे। गेंद छीनने का उनका तरीका और मैदान पर उनकी आक्रामकता किसी सांड जैसी होती थी। यही अंदाज आज भी इंटर मिलान और अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए बरकरार है।

माता-पिता का बलिदान और जुनून लौतारो के पिता मारियो मार्टिनेज खुद एक फुटबॉलर थे, इसलिए वह जानते थे कि खेल का खर्च उठाना कितना कठिन है। आर्थिक तंगी के बावजूद, उनके माता-पिता ने खेल को खर्च नहीं निवेश माना। पिता ने खुद पुरानी शर्ट पहनकर और अपनी जरूरतों को मारकर लौतारो की ट्रेनिंग फीस और बस का किराया जुटाया। लौतारो की यह कहानी साबित करती है कि एक बड़ा खिलाड़ी बनने के लिए पैसे से ज्यादा मजबूत इरादों और सही सोच की जरूरत होती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

विशाखापत्तनम: ऑटो ड्राइवर ने महिला पैसेंजर को दिया सेक्स का ऑफर , वीडियो वायरल होने पर मचा बवाल

Story 1

ट्रंप के करीबी और भारत पर 500% टैरिफ की योजना बनाने वाले सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन

Story 1

26/11 पर हिंदू आतंकवाद का नैरेटिव फिक्स्ड मैच था: पूर्व गृह अधिकारी RVS मणि के सनसनीखेज खुलासे

Story 1

और वहीं हम हार गए... : श्रेयस अय्यर ने खोली हार की पोल, बताया क्यों इंग्लैंड में बिखर गई टीम इंडिया

Story 1

चलती ट्रेन का AC कोच बना बार , शराब पीते और रील बनाते युवकों का वीडियो वायरल!

Story 1

सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन: ट्रंप ने खोया सबसे भरोसेमंद साथी , दुनिया भर में शोक की लहर

Story 1

राम मंदिर चंदा चोरी: केजरीवाल का बीजेपी पर तीखा वार, कहा- ‘राम के नाम पर वोट लिया और अब श्रद्धा का सौदा’

Story 1

बेंगलुरु में डिलीवरी एजेंट की शर्मनाक करतूत: टॉयलेट के बहाने घर में घुसा और फिर जो हुआ...

Story 1

यूपी के हर जिले में लगेगा रोजगार का महामेला, युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका

Story 1

मोनाको में भारतीय छात्रों का जलवा: सी शक्ति टीम ने जीता 25 लाख का प्रिंस अल्बर्ट अवॉर्ड