वियतनाम में काल बनी समुद्र की लहरें: 15 भारतीयों की मौत, किसी ने सुबह पोती का चेहरा देखा था तो किसी ने कहा- वापस आकर बात करेंगे
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वियतनाम के खूबसूरत फू क्वोक द्वीप की सैर पर गए 15 भारतीयों के लिए यह ट्रिप आखिरी सफर साबित हुई। एक मोबाइल कंपनी द्वारा आयोजित इस यात्रा के दौरान एक नाव हादसे में सभी 15 भारतीयों की जान चली गई। मृतकों में तमिलनाडु से 10, आंध्र प्रदेश से 3 और केरल से 2 लोग शामिल थे।

सुबह की वीडियो कॉल बनी आखिरी विदाई तिरुचिरापल्ली के शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद भी इस हादसे का शिकार हुए। उनके रिश्तेदारों ने भावुक होते हुए बताया कि घटना वाले दिन सुबह ही उन्होंने वीडियो कॉल पर अपनी नन्हीं पोती का चेहरा देखा था और पत्नी व बेटे से बात की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि परिवार से उनकी यह आखिरी बातचीत होगी।

नेटवर्क नहीं है, लौटकर बात करूंगा अब्दुल्ला एक मोबाइल कंपनी के चैनल पार्टनर थे। परिजनों के अनुसार, वे अक्सर यात्राओं पर नहीं जाते थे, लेकिन इस बार अपने बेटे के बजाय खुद जाने का फैसला लिया। उन्होंने परिजनों को बताया था कि वे ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा और वापस आने के बाद फोन करेंगे। 13 जुलाई को उनकी वापसी होनी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

सेकंडों में पलटी नाव, चीखते रहे लोग हादसे में जीवित बचे निर्मल कुमार ने बताया कि स्पीडबोट कुछ ही सेकंड में पलट गई। उनका मानना है कि ऊंची लहरें और क्षमता से अधिक लोग नाव के पलटने का कारण बने। वहीं, अन्य चश्मदीदों के अनुसार, नाव द्वीप से करीब 300-400 मीटर ही दूर गई थी कि दोपहर करीब 1:30 बजे यह हादसा हो गया। मदद के लिए लोग चिल्लाते रहे, लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाने से स्थिति और गंभीर हो गई।

कंपनी और प्रशासन की कार्रवाई मोबाइल कंपनी ने बयान जारी कर घटना पर गहरा दुख जताया है और पुष्टि की है कि मरने वालों में 14 चैनल पार्टनर और कंपनी का एक सदस्य शामिल है। हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शोक व्यक्त किया है।

शवों को लाने का प्रयास जारी तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की राज्य सरकारें केंद्र सरकार और वियतनाम में भारतीय दूतावास के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में हैं। प्राथमिकता यह है कि मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके। फु क्वोक द्वीप, जो अपने पर्यटन के लिए जाना जाता है, अब इन परिवारों के लिए एक कभी न भरने वाला जख्म बन गया है।

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