वियतनाम बोट हादसा: दोस्त को खिड़की से निकालने की कोशिश की, पर नाकाम रहा , आंखों देखी खौफनाक दास्तां
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वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को हुए भीषण नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत ने सबको झकझोर दिया है। इस हादसे में बचे निर्मल कुमार ने उन खौफनाक पलों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनकी आंखों के सामने उनके करीबी दोस्त मुरुगा प्रभु ने दम तोड़ दिया।

तीन मिनट में पलटी नाव निर्मल कुमार ने बताया कि यह एक बंद स्पीडबोट थी। बोट के चलने के महज तीन मिनट के भीतर तेज लहरों और हवाओं के कारण वह पलट गई। निर्मल ने बताया, हममें से करीब 20 लोग आगे की खिड़की से कूदकर बाहर निकल आए, लेकिन पीछे बैठे 15 लोग बोट के अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।

दोस्त को बचाने की आखिरी कोशिश निर्मल ने अपने दोस्त मुरुगा प्रभु को उसी खिड़की से बाहर खींचने की पूरी कोशिश की, जिससे वे खुद बाहर आए थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, हम करीबी दोस्त हैं, मैंने उसे बाहर निकालने की जी-तोड़ कोशिश की लेकिन उसकी किस्मत अच्छी नहीं थी। वह अंदर ही फंस गया।

लावा मोबाइल्स का टूर, 110 लोग थे शामिल यह ट्रिप लावा मोबाइल्स द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें दक्षिण भारत से कंपनी के 110 डिस्ट्रीब्यूटर और कर्मचारी शामिल थे। कंपनी ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि वे स्थानीय अधिकारियों और भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में हैं। कंपनी की प्राथमिकता अपने लोगों को सुरक्षित घर वापस ले जाने की है।

हादसे का लेखा-जोखा इस हादसे में मरने वाले 15 लोगों में 13 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे। 21 लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि भारतीय दूतावास प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता कर रहा है। वहीं, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार से अपील की है कि वे बचाव कार्यों में तेजी लाएं और परिवारों को हर जरूरी मदद मुहैया कराएं।

जांच के आदेश वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा में हुई खामियों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को दोबारा होने से रोका जा सके। फिलहाल भारतीय दूतावास की टीमें फु क्वोक द्वीप पर तैनात हैं और सहायता कार्यों की निगरानी कर रही हैं।

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