ब्रिटिश इतिहासकार और लेखक पॉल मैकगैर (Paul McGarr) की नई किताब ने भारत के राजनीतिक गलियारों में पुरानी स्मृतियों और विवादों को फिर से जीवंत कर दिया है। अपनी शोध आधारित पुस्तक में मैकगैर ने दावा किया है कि शुरुआती दशकों में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और ब्रिटिश इंटेलिजेंस की भारतीय सत्ता के केंद्र तक गहरी पहुंच थी। इन दावों ने दशकों से चली आ रही ऐतिहासिक बहसों को नई दिशा दे दी है।
मैकगैर के दावों में सबसे चौंकाने वाला बिंदु जवाहरलाल नेहरू के विशेष सहायक एम.ओ. मथाई से जुड़ा है। लेखक का आरोप है कि मथाई पर उस समय CIA से धन लेने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उनकी संपत्ति की जांच भी कराई गई थी। किताब में यह दावा भी किया गया है कि 1946 से 1959 के बीच प्रधानमंत्री सचिवालय के अत्यंत गोपनीय दस्तावेज अमेरिकी एजेंसियों तक पहुंचते थे। हालांकि, इन दावों पर इतिहासकारों में आज भी आम सहमति नहीं है।
लेखक ने 1962 के भारत-चीन युद्ध को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की है। मैकगैर के अनुसार, तत्कालीन खुफिया ब्यूरो (IB) ने सीमा पर चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर सरकार को समय रहते आगाह कर दिया था। आईबी प्रमुख बी.एन. मुल्लिक ने ये इनपुट प्रधानमंत्री नेहरू, रक्षा मंत्री वी.के. कृष्ण मेनन और गृह मंत्री लाल बहादुर शास्त्री तक पहुंचाए थे। मैकगैर का तर्क है कि सरकार ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी भारी कीमत देश को चुकानी पड़ी।
किताब में पूर्व अमेरिकी राजनयिक डेनियल पैट्रिक मोयनिहान के हवाले से एक और विवादित दावा किया गया है। मैकगैर का कहना है कि केरल और पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों को सत्ता से रोकने के लिए CIA ने कांग्रेस को आर्थिक मदद दी थी। उस दौरान इंदिरा गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थीं और कथित तौर पर उन्हें इन गुप्त गतिविधियों की जानकारी थी। इन दावों की कोई आधिकारिक या न्यायिक पुष्टि कभी नहीं हुई, जिसके चलते ये केवल ऐतिहासिक कयासों के दायरे में हैं।
पुराने विवादों के इतर, मैकगैर ने वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की कार्यप्रणाली की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा नीति अधिक सक्रिय और निर्णायक हुई है। मैकगैर के अनुसार, डोभाल की सलाह ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को एक आक्रामक और प्रभावी दिशा दी है, जो पिछले कई दशकों की तुलना में काफी अलग है।
Promo | ANI Broadcast with Author & Historian Paul McGarr Premieres Today at 6 PM | Ishaan Prakash
— ANI (@ANI) July 11, 2026
Nehru s Special Assistant Was Paid by the CIA.
Nehru & Congress Ignored Intel Warnings on China in 1962. They Were Unwilling to Accept That Reality.
Indira Gandhi Worked… pic.twitter.com/pfofI5axO7
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