तेहरान से लौटने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने वहां के समाज और व्यवस्था को लेकर कई हैरान कर देने वाली बातें कही हैं।
‘ईरान में नहीं दिखा डर’ अंतिम संस्कार में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सलमान खुर्शीद ने बताया कि ईरान की यात्रा उनके और पूरे प्रतिनिधिमंडल के लिए बेहद प्रभावशाली रही। खुर्शीद ने स्पष्ट किया कि उन्हें वहां के लोगों में किसी प्रकार का डर, निराशा या तनाव नजर नहीं आया। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों के बावजूद ईरान के लोग पूरी तरह एकजुट और अनुशासित दिखे।
‘पुलिस स्टेट जैसा कोई अहसास नहीं’ खुर्शीद ने खारिज किया कि ईरान एक पुलिस स्टेट की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वहां की व्यवस्था बेहद व्यवस्थित और संगठित लगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रति लोगों का समर्पण और शांति बनाए रखने का जज्बा काबिले तारीफ था।
महिलाओं की स्थिति पर क्या बोले? ईरान में महिलाओं की स्वतंत्रता को लेकर अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन खुर्शीद का अनुभव कुछ अलग रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने वहां महिलाओं को फोटोग्राफी, मीडिया और सरकारी प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते देखा।
उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य रूप से घूमते और मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाते देखना एक आम बात थी। उनके अनुभव के मुताबिक, वहां महिलाओं के किसी भी तरह के उत्पीड़न का कोई संकेत उन्हें नहीं मिला।
ऐतिहासिक और प्रेरणादायक अनुभव सलमान खुर्शीद ने इस पूरी यात्रा को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईरान ने अपने नेता को विदाई दी और अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया, वह उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव था। उन्होंने इसे एक ऐसी घटना बताया जिसे दोबारा देखना शायद ही संभव हो।
#WATCH | Delhi | On attending the state funeral ceremony of Supreme Leader Ayatollah Seyyed Ali Khamenei in Iran, Congress leader Salman Khurshid says, I was very deeply impressed, and so was everybody in the group with me...I was representing the Congress Party, and I was the… pic.twitter.com/MdGBXsulPF
— ANI (@ANI) July 10, 2026
31 साल का सूखा खत्म: विंबलडन के फाइनल में पहुंचे एलेक्जेंडर ज्वेरेव, रचा इतिहास
करूर भगदड़: सीएम विजय ने पीड़ितों के परिवारों को दिया सहारा, सौंपा सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र
कर्जमाफी का महा-ऐलान: महाराष्ट्र के किसानों को मिला 2 लाख तक का तोहफा, बदले नियमों से मिली बड़ी राहत
5वें टी20 में टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत, क्या तिलक और दुबे की गिरेगी गाज?
समंदर में बिछाया अदृश्य जाल , चीन ने हवा में लपक लिया लौटता हुआ रॉकेट!
बेलगावी में RSS का महामंथन: क्या है प्रांत प्रचारक सभा का महत्व और क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें?
पाक के चक्कर में बांग्लादेश ने चली गंदी चाल , भारत ने ढाका में ही कर दी बोलती बंद!
न्यूजीलैंड में मोदी का भव्य स्वागत : स्काई टावर की रोशनी से चमका ऑकलैंड, 40 साल का इंतजार हुआ खत्म
दीदी के लिए सियासी झटका : यूसुफ पठान की शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात ने बढ़ाई TMC की बेचैनी
115 सीटें पक्की, लिख लीजिए : तेलंगाना में रेवंत रेड्डी की बड़ी भविष्यवाणी