अगर आप अपनी गाड़ी में बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल या E10 फ्यूल ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में अब प्योर पेट्रोल (Pure Petrol), E10 और E20 तीनों का एक साथ मिलना मुमकिन नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर E20 फ्यूल को देश का स्टैंडर्ड फ्यूल घोषित किया है।
मंत्रालय के मुताबिक, भारत का फ्यूल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क्स में से एक है। इसमें एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप, पाइपलाइन और रिफाइनरियां जुड़ी हैं। यदि तीन अलग-अलग ग्रेड के पेट्रोल एक साथ बेचे जाते हैं, तो हर स्तर पर अलग स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट की जरूरत होगी। इससे लॉजिस्टिक्स का खर्च आसमान छूने लगेगा और पूरी सप्लाई चेन की कार्यक्षमता (Efficiency) प्रभावित होगी।
अक्सर सवाल उठता है कि जब प्रीमियम पेट्रोल अलग से मिल सकता है, तो प्योर पेट्रोल क्यों नहीं? सरकार का तर्क है कि प्रीमियम पेट्रोल एक सीमित मात्रा में बिकने वाला उत्पाद है, जिसके लिए पूरे देश की वितरण व्यवस्था बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन ईंधनों के तीन अलग ग्रेड रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पूरी इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था को बदलना पड़ेगा, जो व्यावहारिक नहीं है।
E20 को लेकर सबसे बड़ी चिंता पुराने वाहनों के इंजन या रबर पार्ट्स के खराब होने की रही है। इस पर मंत्रालय ने दावा किया है कि E20 लागू करने से पहले ऑटो कंपनियों और टेस्टिंग एजेंसियों के साथ लंबी प्रक्रिया अपनाई गई थी। मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि करोड़ों वाहनों की सर्विसिंग के बाद भी E20 से इंजन में जंग या पार्ट्स के जल्दी घिसने की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है।
सरकार ने माना कि E20 के इस्तेमाल से पुराने वाहनों में माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इसके फायदे बड़े हैं। E20 में ऑक्टेन रेटिंग बेहतर होती है, जिससे इंजन में नॉकिंग कम होती है और पिकअप बेहतर मिलता है। सबसे अहम बात यह है कि यह कम प्रदूषण फैलाता है और इंजन को अपेक्षाकृत साफ रखता है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि E10 पर वापस लौटना देश के इथेनॉल प्रोडक्शन के लिए घातक होगा। पिछले कुछ वर्षों में देश ने डिस्टिलरी और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश किया है। सरकार का कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग का रोडमैप 2021 में ही सार्वजनिक कर दिया गया था और ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ मिलकर ही चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया गया है।
#JustIn | Govt issues #FAQ on Ethanol Blending:
— CNBC-TV18 (@CNBCTV18Live) July 10, 2026
Govt Says: Despite these clarifications, certain concerns have continued to be raised regarding the #EthanolBlended Petrol Programme. The following Frequently Asked Questions (FAQs) provide factual and evidence-based responses to… pic.twitter.com/wfN9KfP5Nk
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