मैं ममता जैसा कमजोर और डरपोक CM नहीं , हुमायूं कबीर को शुभेंदु अधिकारी की दो टूक चेतावनी
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में वाकयुद्ध तेज हो गया है। मुर्शिदाबाद के रेजिनगर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता और मुख्यमंत्री (स्व-घोषित संदर्भ में) शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और विधायक हुमायूं कबीर पर तीखा हमला बोला है।

गैर-जिम्मेदाराना बयान बर्दाश्त नहीं शुभेंदु अधिकारी ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के विधायक हुमायूं कबीर को चेतावनी देते हुए कहा, गलतफहमी न पालें, मैं ममता बनर्जी की तरह कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री नहीं हूं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली बयानबाजी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुर्शिदाबाद में नहीं चलेगी हिंदू-मुस्लिम की राजनीति शुभेंदु ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने मुर्शिदाबाद में सीएए और वक्फ कानून के विरोध के नाम पर हिंसा को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि आगामी रेजिनगर उपचुनाव के बाद मुर्शिदाबाद की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, हम यहां हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं, बल्कि विकास की राजनीति करेंगे।

आवास योजना और भ्रष्टाचार पर प्रहार रैली में शुभेंदु ने तृणमूल सरकार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा हड़पने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार 25 लाख नए ग्रामीण आवास बनाएगी। साथ ही, मुर्शिदाबाद और मालदा में गंगा के कटाव से निपटने के लिए 3,600 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव भी रखा।

प्रवासी मजदूरों के लिए नई पहल अधिकारी ने स्थानीय प्रशासन को राज्य के प्रवासी मजदूरों की वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की आयुष्मान भारत और अन्न सुरक्षा योजना के जरिए वंचित परिवारों को हर महीने 18,000 रुपये तक का लाभ मिल रहा है।

कानून-व्यवस्था और यूसीसी पर बड़ा अपडेट शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि राज्य में अब हिंसा और पुलिस पर हमलों का दौर पुराना हो चुका है। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन हो चुका है और जल्द ही इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके अलावा, सोमवार से सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए नया विधेयक भी प्रभावी होने जा रहा है।

ममता का गुस्सा चर्चा में उधर, कोलकाता में टीएमसी की एक रैली के दौरान ममता बनर्जी का अलग ही रूप देखने को मिला। रैली में हंगामा और अंडे फेंके जाने की घटना से नाराज मुख्यमंत्री ने बीच मंच पर ही अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को थप्पड़ जड़ दिए, जिसकी राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है।

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