खामेनेई के दफन के बाद ईरान की हिट लिस्ट में ट्रंप? इजरायल की खुफिया रिपोर्ट से दुनिया में हड़कंप
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तनाव की पराकाष्ठा अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रही सैन्य तनातनी अब सीधे हमलों में बदल चुकी है। बीते दिन ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को अंतिम विदाई दी गई, लेकिन यह मौका शांत रहने के बजाय प्रतिशोध की आग में जलता नजर आया।

खामेनेई का अंतिम संस्कार और ईरान का गुस्सा 9 जुलाई को मशहद के एक तीर्थस्थल में अली खामेनेई को दफन किया गया। इस दौरान ईरान के कई हिस्सों में अमेरिकी हवाई हमलों की खबरें सामने आईं। अंतिम संस्कार में शामिल लाखों की भीड़ में अमेरिका और विशेष रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। सड़कों पर हम ट्रंप को मार डालेंगे जैसे पोस्टर लहराए गए, जो ईरान की आक्रामक नीति को दर्शाते हैं।

इजरायल का चौंकाने वाला खुलासा इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजरायल ने अमेरिका को एक बेहद संवेदनशील खुफिया रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की एक नई और घातक योजना पर काम कर रहा है। यह जानकारी व्हाइट हाउस के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि ईरान अब सीधे तौर पर अमेरिकी नेतृत्व को अपना निशाना बना रहा है।

ट्रंप ने जताई अपनी जान को खतरा हाल ही में एयर फोर्स वन में सफर के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से खिड़कियों के पर्दे बंद रखने को कहा। जब उनसे इसका कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप एक खतरनाक उड़ान पर हैं। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे का अहसास है। उन्होंने कहा कि वे (ईरानी) बीमार मानसिकता के लोग हैं और उनकी हिट लिस्ट में मेरा नाम सबसे ऊपर है।

बंदर अब्बास और चाबहार: आर्थिक नुकसान की आहट सैन्य हमलों का असर अब अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास रेलवे पुल को निशाना बनाया है, वहीं चाबहार बंदरगाह पर हुए मिसाइल हमलों से रणनीतिक और आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं। इन हमलों से न केवल ईरान को भारी नुकसान हुआ है, बल्कि भारत के अरबों रुपये के निवेश पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

युद्ध की ओर बढ़ते कदम ईरान ने इन हमलों का करारा जवाब देने की कसम खाई है। अमेरिका और ईरान के बीच टूट चुका सीजफायर अब इस बात का संकेत है कि मध्य-पूर्व में एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने की आशंका प्रबल हो गई है। दोनों देशों के बीच की यह सीधी टक्कर अब वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

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