वक्फ संपत्तियों के खजाने का होगा हिसाब? मोहसिन रज़ा ने CM योगी से की ऑडिट की कड़ी मांग
News Image

उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के भविष्य को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। राज्य सरकार के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मोहसिन रज़ा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य भर में फैली लाखों वक्फ संपत्तियों के गहन ऑडिट की मांग की है।

2 लाख संपत्तियां, लेकिन आमदनी का अता-पता नहीं मोहसिन रज़ा के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2 लाख से अधिक वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। इनमें से सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के तहत करीब 1 लाख 27 हजार संपत्तियां आती हैं। रज़ा का आरोप है कि इन संपत्तियों से होने वाली भारी-भरकम कमाई का आज तक कोई ऑडिट नहीं हुआ है। केवल लखनऊ शहर में ही 4000 से अधिक संपत्तियां दर्ज हैं, जिनकी वित्तीय स्थिति पर कोई स्पष्ट आंकड़ा मौजूद नहीं है।

दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी भाजपा नेता ने स्पष्ट कहा है कि संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऑडिट होने से ही इन संपत्तियों के प्रबंधन में हो रही अनियमितताओं का खुलासा होगा और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नई बोर्ड नियुक्ति के समय इस ऑडिट प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए।

वक्फ बोर्ड में हिंदुओं की नियुक्ति का समर्थन मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों की नियुक्ति का समर्थन करते हुए मोहसिन रज़ा ने कहा कि इससे सद्भाव बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। उन्होंने केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून ने पारदर्शिता का रास्ता साफ किया है।

विपक्ष पर साधा तीखा निशाना रज़ा ने वक्फ बिल का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा जैसे दलों ने वक्फ संपत्तियों को लूटा है। उन्होंने कहा, वे लोग इसलिए बेचैन हैं क्योंकि अब तक वक्फ संपत्तियों पर उन्होंने अवैध कब्जा जमा रखा था और अब कानून के जरिए उन पर नकेल कसी जा रही है।

भ्रष्टाचार मुक्त बोर्ड का वादा पूर्व मंत्री ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश में जब भी नया वक्फ बोर्ड गठित हो, उसमें शिया और सुन्नी बोर्ड में दो-दो ऐसे सदस्य रखे जाएं जो निष्पक्ष हों। उन्होंने दावा किया कि इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटी में अचानक ढही बालकनी, बाल-बाल बची जान; निवासियों ने खोला बिल्डर के खिलाफ मोर्चा

Story 1

घूंघट वाली महिला ने खोली प्रशासनिक पोल: फर्राटेदार अंग्रेजी सुन उड़ गए अधिकारी के होश

Story 1

सोहेल खान का बड़ा कबूलनामा: तलाक के बाद एक्स-वाइफ के सामने ली अपनी सभी गलतियों की जिम्मेदारी

Story 1

प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी अखाड़ा: ब्राहिम डियाज के सामने भिड़ गए दो रिपोर्टर, वीडियो वायरल

Story 1

हॉर्मुज में फिर भड़के हालात: ईरान से शांति डील क्यों टूटी? जेडी वेंस ने खोले राज

Story 1

कैब में सिगरेट पीने की जिद और ड्राइवर का करारा जवाब , सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Story 1

दशकों पुराने जल विवादों का अंत: डबल इंजन की रफ्तार से सुलझ रही हैं राज्यों की समस्याएं

Story 1

दिल्ली-NCR समेत पूरे भारत में मॉनसून का महा-एक्शन : एक हफ्ते तक झमाझम बारिश का अलर्ट

Story 1

पीओके में सुलगी बारूद की आग: रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग का आरोप, मची अफरा-तफरी

Story 1

हिमाचल में कुदरत का कहर: किन्नौर में बाढ़ से पुल पर संकट, मनाली में जान जोखिम में डाल रहे लोग