यूक्रेन को मिली बड़ी ताकत: ट्रंप ने पैट्रियट मिसाइल बनाने के लिए दी हरी झंडी
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अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा रक्षा फैसला सुनाया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अब यूक्रेन को पैट्रियट (Patriot) वायु रक्षा प्रणाली का निर्माण करने के लिए लाइसेंस प्रदान करेगा। इस कदम से यूक्रेन को रूसी मिसाइल हमलों का मुकाबला करने में बड़ी आत्मनिर्भरता हासिल होगी।

तैयार करने की तकनीक भी सिखाएगा अमेरिका लंबी अवधि से इस तकनीक की मांग कर रहे कीव के लिए यह एक बड़ी जीत है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा, हम उन्हें पैट्रियट बनाने का अधिकार देंगे और उन्हें सिखाएंगे कि इसे कैसे तैयार किया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यूक्रेन इन प्रणालियों को बहुत जल्द तैयार कर लेगा। हालांकि, पैट्रियट सिस्टम महंगे होते हैं और इनका उत्पादन जटिल होता है, लेकिन यह फैसला कीव की रक्षा क्षमता को काफी मजबूती देगा।

अस्थिर रिश्ते से अत्यधिक प्रेम तक का सफर शिखर सम्मेलन की शुरुआत में ट्रंप का रुख आक्रामक था। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अधिकार जताने के अपने पुराने दावे को दोहराया और ईरान के खिलाफ युद्ध में साथ न देने के लिए यूरोपीय देशों की, विशेषकर स्पेन की आलोचना की। लेकिन दिन के अंत तक, नाटो नेताओं के साथ ट्रंप का लहजा पूरी तरह बदल गया। उन्होंने ज़ेलेंस्की के साथ अपने संबंधों को अद्भुत बताया और युद्ध समाप्त करने के लिए एक संभावित समझौते का संकेत दिया।

सीरिया को लेकर भी बड़ा ऐलान ट्रंप प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए सीरिया को आतंकवाद का प्रायोजक देश (State Sponsor of Terrorism) मानने के अपने पदनाम को रद्द करने की योजना की घोषणा की है। यह कदम सीरिया के साथ राजनयिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

ईरान पर सख्त तेवर और नाटो की भूमिका शिखर सम्मेलन से पहले, नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों का समर्थन किया। इन हमलों और ईरान के तेल लाइसेंस रद्द करने के बाद, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ किसी भी अंतरिम समझौते पर बातचीत करना अब उनके लिए समय की बर्बादी है।

रक्षा खर्च बढ़ाना ही एकमात्र विकल्प ट्रंप प्रशासन साफ कर चुका है कि वह अब नाटो 3.0 देखना चाहता है, जहाँ यूरोप अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ले। नाटो के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, हालांकि कई देशों ने रक्षा खर्च बढ़ाया है, लेकिन बेल्जियम, स्पेन और स्लोवेनिया जैसे देश अभी भी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में संघर्ष कर रहे हैं। ट्रंप का स्पष्ट संदेश है कि यूरोप को सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय अपने रक्षा बजट को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है।

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