एक करोड़ झूठे मरे होंगे, तब ये पैदा हुए : मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक पर फडणवीस का तीखा प्रहार
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महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रोजेक्ट की आलोचना करने वालों पर बेहद कड़े शब्दों में निशाना साधा।

मैं गाली-प्रूफ हूं, पर महाराष्ट्र का अपमान नहीं फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उन्हें व्यक्तिगत हमलों से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, मुझे गालियां देने की आदत है, मैं गाली-प्रूफ हूं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस प्रोजेक्ट की आड़ में महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश की गई, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों को भाड़े के टट्टू करार दिया।

नामुमकिन काम को बनाया इंजीनियरिंग का अजूबा सदन में पुरानी यादें ताजा करते हुए फडणवीस ने बताया कि महाविकास अघाड़ी सरकार ने 14 कारण गिनाकर इस प्रोजेक्ट की फाइल बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इसे नामुमकिन बता दिया था, लेकिन महायुति सरकार ने विशेषज्ञों की मदद से इसे हकीकत में बदला। आज यह दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग और देश का सबसे ऊंचा वायडक्ट है, जो 170 किमी प्रति घंटे की हवाएं झेलने में सक्षम है।

कोंकण रेलवे का दिया उदाहरण आलोचकों को जवाब देते हुए उन्होंने कोंकण रेलवे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मधु दंडवते के समय प्रोजेक्ट बन रहा था, तब भी लोगों ने इसे असफल बताया था। फडणवीस ने तर्क दिया कि अगर डरकर काम रोक दिया जाता, तो आज कोंकण रेलवे अस्तित्व में नहीं होती। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स से हम सीखते हैं और लगातार सुधार करते हैं।

लैंडस्लाइड की हकीकत और सुरक्षा के दावे हालिया लैंडस्लाइड विवाद पर फडणवीस ने सफाई दी कि नुकसान सिर्फ वाटर आर्च को हुआ था, जबकि केबल-स्टेयड ब्रिज और सुरंग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने दावा किया कि आपातकालीन स्थिति में महज 3 मिनट के भीतर मदद पहुंची और केवल 18 घंटों के रिकॉर्ड समय में ट्रैफिक बहाल कर दिया गया।

IIT की निगरानी में भविष्य का रोडमैप सरकार ने सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अब IIT विशेषज्ञों को शामिल किया है। भविष्य में पत्थर गिरने की आशंका वाली जगहों पर वायर मेश (लोहे की जाली) लगाई जाएगी। फडणवीस ने विश्वास जताते हुए कहा कि आज आलोचना करने वाले कल याद नहीं रहेंगे, लेकिन यह मिसिंग लिंक हमेशा के लिए मजबूती के साथ खड़ा रहेगा और विकास के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।

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