होर्मुज़ में टैंकर हमला, अमेरिका का ईरान पर ज़बरदस्त वार! क्या फिर भड़कने वाला है बड़ा युद्ध?
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मंगलवार की रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हुई एक घटना ने दुनिया को युद्ध की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। वैश्विक व्यापार के इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन कमर्शियल तेल टैंकरों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। टैंकरों से उठती आग की लपटों ने खाड़ी के क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

पेंटागन का ऑपरेशन प्रतिशोध : ईरान की सीमाओं पर बरसे बम

हमले की पुष्टि होते ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बिना देर किए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर जारी एक सख्त बयान में अमेरिका ने कहा कि यह हमला कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने का नतीजा है और ईरान को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अमेरिका ने इसे मौजूदा युद्धविराम का सीधा उल्लंघन करार दिया है।

बंदर अब्बास से केशम द्वीप तक तबाही

अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी रडार, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल साइटें और ड्रोन लॉन्च पैड को तबाह कर दिया गया है। बंदर अब्बास, सिरिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर सिलसिलेवार विस्फोटों की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने भी की है।

रद्दी बना शांति समझौता, तेल व्यापार पर लगी रोक

इस सैन्य कार्रवाई ने पिछले महीने हुए नाजुक अंतरिम समझौते को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। अमेरिका ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने के लिए दी गई विशेष छूट को रद्द कर दिया है। यह छूट दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का मुख्य हिस्सा थी, जिसके खत्म होने से अब आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

ईरान की बौखलाहट: क्या परमाणु युद्ध की चेतावनी?

अमेरिकी हमलों और प्रतिबंधों से भड़के ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के उप-मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अमेरिका का यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन है, बल्कि इसके नतीजे बेहद गंभीर होंगे। ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी निर्णायक कदम से पीछे नहीं हटेगा।

अली खामेनेई के बाद अब सबसे बड़े संकट का दौर

जानकारों का मानना है कि इस बार का तनाव फरवरी में अली खामेनेई की मौत के बाद के हालात से भी ज्यादा खतरनाक है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा।

क्या यह टकराव एक और बड़े युद्ध की शुरुआत है, या कूटनीति के जरिए इसे रोका जा सकेगा? फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें मध्य पूर्व की इस दहकती स्थिति पर टिकी हैं।

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