अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की हालिया बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।
तय था बैठक का नतीजा दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि ट्रस्ट की बैठक से पहले ही सब कुछ तय था। उन्होंने कहा कि कोई ठोस समाधान निकालने के बजाय केवल इस्तीफे लेने की औपचारिकता पूरी की गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा, VHP और RSS का आपस में गहरा गठजोड़ है और ये एक-दूसरे के बिना काम नहीं कर सकते।
चंपत राय पर उठाए सवाल कांग्रेस सांसद ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान चंपत राय कहां थे? दिग्विजय ने संतोष दुबे का जिक्र करते हुए कहा कि जिस कार्यकर्ता ने आंदोलन में चार गोलियां खाईं और चंदे में धांधली का खुलासा किया, उसे आज पूरी तरह भुला दिया गया है।
भ्रष्ट लोगों को नियुक्त करने की तैयारी दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति के लिए जो पांच नाम सुझाए गए हैं, उनकी एकमात्र योग्यता भ्रष्ट होना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये संगठन खुद को नहीं सुधारेंगे, तो परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे वैचारिक रूप से संघ और विहिप के विरोधी हैं क्योंकि वे देश के लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं रखते।
SIT जांच पर जताया संदेह 2021 से चल रहे चंदा चोरी के आरोपों पर दिग्विजय ने कहा कि मामला सामने आने के बाद पूरा तंत्र आरोपियों को बचाने में जुट गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि SIT में उन्हीं अधिकारियों को शामिल किया गया है जिनसे निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद करना बेमानी है।
देश किसी एक विचारधारा की जागीर नहीं कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि भारत सभी नागरिकों का देश है और यह किसी एक विशेष विचारधारा की जागीर नहीं बन सकता। उन्होंने भगवान राम के नाम पर कथित अनियमितताओं को शर्मनाक और निंदनीय करार देते हुए कहा कि यह पूरे देश के आस्थावान लोगों के साथ बड़ा धोखा है।
*VIDEO | Delhi: On Ayodhya Ram Temple donation row, senior Congress leader Digvijaya Singh says,
— Press Trust of India (@PTI_News) July 7, 2026
Five names have been suggested to be appointed as the CEO, and the only qualification of all five is that they are deeply corrupt. If they do not reform themselves now, then when… pic.twitter.com/KlVYv7G0fq
क्रिकेट जगत को बड़ा झटका: अफगानिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज शापूर जादरान का भारत में निधन
रोंगटे खड़े कर देगा यह वीडियो: गांव में घुसी शेरनी ने किसान को दबोचा, खौफ के साये में ग्रामीण
दरभंगा बीडीओ की प्रेम कहानी का खौफनाक अंत: पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार, दारोगा प्रेमिका से पूछताछ जारी
नर्मदा जल विवाद का हुआ द एंड : चार राज्यों ने अमित शाह की मौजूदगी में भरी सहमति की हुंकार
पीएफ खाताधारकों की बल्ले-बल्ले: 15 जुलाई तक खाते में आएगा ब्याज, जानें क्या है नया ऑटो-प्रोसेस सिस्टम
अखिलेश के मानहानि नोटिस पर निशिकांत का तीखा प्रहार: विक्स की गोली लीजिए और कानून पढ़िए
वास्तुविदों की कार्यशैली पर राज्यपाल का तंज: कहा- अनपढ़ों जैसी डिजाइन बनाना बंद करें
फीफा वर्ल्ड कप: क्या मेसी की टीम को मिला वीआईपी ट्रीटमेंट? मिस्र के साथ हुई बेईमानी पर मचा बवाल
दिल्ली-NCR में मानसून बना मुसीबत: 10 किमी लंबा जाम और धंसी सड़क, जनजीवन अस्त-व्यस्त
फैक्ट चेक: क्या मुंबई में आज स्कूल बंद हैं? सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज का सच आया सामने