ट्रंप का फुटबॉल हस्तक्षेप : रेड कार्ड विवाद पर फीफा की निष्पक्षता सवालों के घेरे में
News Image

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपनी राजनीति से इतर फुटबॉल के मैदान में विशेषज्ञ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिकी स्टार खिलाड़ी फोलारिन बैलोगुन को मिले रेड कार्ड को ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद पलटने के फैसले ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है।

ट्रंप ने सीना ठोककर कबूला हस्तक्षेप मामला बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ खेले गए मैच का है, जहां बैलोगुन को टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया था। ट्रंप ने खुलेआम स्वीकार किया कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को फोन किया और फैसले की समीक्षा की मांग की। ट्रंप का तर्क है कि वह केवल फाउल ही नहीं था , बल्कि दो खिलाड़ियों की सामान्य टक्कर थी।

फीफा की साख को लगा बड़ा झटका बेल्जियम के खिलाफ होने वाले राउंड ऑफ 16 मुकाबले से ठीक पहले फीफा द्वारा बैलोगुन का सस्पेंशन पलटना खेल जगत में विवाद का विषय बन गया है। फीफा ने जिस तरह से राजनीतिक दबाव के बाद आनन-फानन में अपना फैसला बदला, उसने इस सर्वोच्च संस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नियमों के क्या कहते हैं मायने? फीफा चार्टर के आर्टिकल 2(2) और 15(c) के तहत किसी भी सरकार या नेता का फुटबॉल के निर्णयों में दखल देना सख्त मना है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का फोन कॉल सीधे तौर पर फीफा के नियमों का उल्लंघन है। राजनीतिक दबाव ने खेल की गरिमा को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

आर्टिकल 27: बचाव या दिखावा? विवाद बढ़ने पर फीफा अपनी सफाई में आर्टिकल 27 का हवाला दे रहा है। इस नियम के तहत फीफा के पास किसी खिलाड़ी के बैन को निलंबित करने और उसे प्रोबेशन (निगरानी) पर रखने का अधिकार है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि टूर्नामेंट के बीच में राजनीतिक इशारे पर इस विशेष अधिकार का उपयोग करना खेल की खेल भावना के खिलाफ है।

क्या बेल्जियम उठाएगा कदम? इस अप्रत्याशित फैसले के बाद बेल्जियम की टीम ने हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है। बेल्जियम का कहना है कि उनका ध्यान फिलहाल मैच जीतने पर है। उधर, अमेरिकी खिलाड़ी बैलोगुन की वापसी को अपनी जीत मान रहे हैं, जबकि दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी इसे खेल में राजनीति का काला अध्याय बता रहे हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ब्रह्मोस और आकाश की धमक: भारत के रक्षा कौशल पर फिदा हुए ये देश, PM मोदी के दौरे से पहले पूर्व राजदूत का बड़ा खुलासा

Story 1

आईटीआई के लड़कों का अतरंगी डांस वीडियो हुआ वायरल, यूजर्स बोले - स्वैग तो देखो!

Story 1

संजू सैमसन का टीम इंडिया से पत्ता साफ? सिलेक्टर्स ने बनाई नई योजना , इस युवा खिलाड़ी ने छीनी जगह

Story 1

कपूर खानदान में गूंजी शहनाई: अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर बंधे शादी के बंधन में

Story 1

ट्रंप का मेलोनी पर तंज, इटली ने दिया करारा जवाब; नाटो समिट से पहले बढ़ी कड़वाहट

Story 1

एम्बुलेंस का इंतजार, खाट पर दम: स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले रीवा में व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीरें

Story 1

पाकीजा की एक्ट्रेस का दर्दनाक अंत: जिस बेटे के लिए बेचे आशियाने, उसी ने अस्पताल में तड़पता छोड़ किया अंतिम संस्कार से इनकार

Story 1

रामायणम पार्ट-1 का ट्रेलर मचाएगा धूम, दीवाली पर रणबीर कपूर और रजनीकांत के बीच हो सकती है महा-टक्कर

Story 1

रोनाल्डो का सफर थमा: नम आंखों से वर्ल्ड कप को कहा अलविदा, स्पेन से हारकर पुर्तगाल बाहर

Story 1

दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत का दबदबा: इंडोनेशिया खरीदेगा ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल, चीन की चिंता बढ़ी