जितनी सेशेल्स की GDP, उतने के अमेरिकियों ने फोड़ डाले पटाखे; 4 जुलाई की आतिशबाजी का वर्ल्ड रिकॉर्ड और खगोलीय खर्च
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अमेरिका ने अपने 250वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न एक ऐसे भव्य स्तर पर मनाया जिसने इतिहास रच दिया है। 4 जुलाई को मनाए गए इस ऐतिहासिक दिन पर अमेरिका में हुई आतिशबाजी ने न केवल गगन को रोशन किया, बल्कि आंकड़ों में कई कीर्तिमान भी स्थापित किए।

8.50 लाख पटाखों से रचा गया इतिहास

इस बार अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर साढ़े 8 लाख से ज्यादा आतिशबाजी के गोले छोड़े गए। यह शो वॉशिंगटन डीसी के लिंकन मेमोरियल और पोटोमैक नदी के आसपास 10 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया।

लगभग 40 मिनट तक चले इस शो को आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे बड़ा आतिशबाजी शो बताया जा रहा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड फिलीपींस के नाम था, जहां 2016 में 8.10 लाख गोले छोड़े गए थे। इस प्रोजेक्ट के लिए पेंसिल्वेनिया की कंपनी पायरोटेक्निको को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

करोड़ों का खर्च और सोशल मीडिया पर चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल इस मुख्य शो पर ही करीब 8.50 लाख डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 8 करोड़ रुपये से ज्यादा) खर्च किए गए हैं। सोशल मीडिया पर इस भव्य आयोजन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई लोग इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विजन से जोड़कर देख रहे हैं।

पटाखों पर अरबों रुपये खर्च करते हैं अमेरिकी

आतिशबाजी का यह जुनून केवल सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि आम अमेरिकियों के सिर चढ़कर बोलता है। अमेरिकन पाइयोटेक्निक्स एसोसिएशन (APA) के आंकड़ों के मुताबिक, पटाखों की खपत में पिछले दो दशकों में भारी उछाल आया है। साल 2000 में जहां लोग 40 लाख डॉलर खर्च करते थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा 2.2 अरब डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंच गया।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह खर्च जल्द ही 2.5 अरब डॉलर के स्तर को छू लेगा। तुलना के लिए देखें तो यह राशि सेशेल्स जैसे छोटे देश की कुल जीडीपी से भी अधिक है।

चीन पर टैरिफ और बढ़ती कीमतें

अमेरिका में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश पटाखे चीन से आयात किए जाते हैं। व्यापारिक तनाव और टैरिफ नीतियों के कारण पटाखों की कीमतें 30 से 40 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन पर लगाए गए टैरिफ का सीधा असर बाजार पर दिख रहा है, बावजूद इसके लोगों का पटाखों के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है।

1777 से चली आ रही परंपरा

अमेरिका में आजादी के जश्न और आतिशबाजी का नाता 1777 से है। अमेरिका के फाउंडिंग फादर जॉन एडम्स ने स्वतंत्रता मिलने के तुरंत बाद अपनी पत्नी को पत्र लिखकर इच्छा जताई थी कि आजादी का जश्न परेड, बोनफायर और शानदार रोशनी (आतिशबाजी) के साथ मनाया जाए। तब से यह परंपरा अमेरिकी संस्कृति का अटूट हिस्सा बन चुकी है, जो आज भी अपने भव्य रूप में कायम है।

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