प्री-स्कूल में 45 मिनट की लापरवाही: मासूम को 17 बार काटा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
News Image

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक प्री-स्कूल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। परिवार का दावा है कि उनके 23 महीने के बेटे को स्कूल में 45 मिनट तक बिना किसी निगरानी के छोड़ दिया गया।

क्या है पूरा मामला? परिजनों का आरोप है कि उनका बच्चा जब स्कूल से घर लौटा, तो उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान थे। जांच करने पर पता चला कि बच्चे को हाथ, पीठ और कंधे सहित शरीर के 17 अलग-अलग हिस्सों पर दांतों से काटा गया था। परिवार का आरोप है कि ये चोटें स्कूल में तीन बच्चों को एक कमरे में बिना स्टाफ के अकेला छोड़ने के दौरान लगीं।

स्कूल पर सबूत छिपाने के आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल प्रशासन से घटना के बारे में पूछा, तो इसे सामान्य बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। परिजनों का दावा है कि स्कूल ने शुरू में उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी और घटना की गंभीरता को कम करके दिखाया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अभिभावकों में काफी आक्रोश है। लोग प्री-स्कूलों की सुरक्षा प्रणाली और सीसीटीवी मॉनिटरिंग पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, ये सभी दावे अभी प्रारंभिक आरोप हैं। मामले की पूर्ण पुष्टि के लिए प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का आना अभी बाकी है।

विशेषज्ञों की चेतावनी बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों में काटने जैसी हरकतें सामान्य व्यवहार का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन उन्हें कभी भी बिना निगरानी (unsupervised) नहीं छोड़ा जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रखें।

सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल यह घटना प्री-स्कूलों और डे-केयर केंद्रों की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े करती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल शिक्षा देना ही کافی नहीं है, बल्कि बच्चों की शारीरिक सुरक्षा, प्रभावी निगरानी और अभिभावकों के साथ पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी संस्थान के लिए अनिवार्य है।

फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह प्री-स्कूलों के लिए एक बड़ा सबक है कि सुरक्षा में मामूली चूक भी बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के लिए भारी पड़ सकती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अमदाबाद की बुढ़ी मां के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने की विशेष पूजा

Story 1

खगड़िया में भीषण सड़क हादसा: गाड़ियां तो मिलीं चकनाचूर, पर सवार गायब; सड़क पर फैला खून बढ़ा रहा रहस्य

Story 1

पाकिस्तान: उपप्रधानमंत्री के पोते पर विदेशी महिलाओं के अपहरण और रेप का आरोप, क्रिप्टो-रैकेट से जुड़ा मामला

Story 1

जंतर-मंतर की अनसुनी पुकार: क्या पीएम मोदी के पास है छात्रों के 29 बलिदानों का जवाब?

Story 1

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को देख दंग रह गए जैकब बेथल, कहा- उनके खिलाफ खेलना अजीब था

Story 1

सगाई के महज कुछ महीने बाद ही टूटा रिश्ता, मंगेतर ने पृथ्वी शॉ पर लगाया बेवफाई का संगीन आरोप

Story 1

लॉक अप 2 में शिल्पा शिंदे की धमाकेदार एंट्री, आते ही शिवांगी जोशी से हुई तीखी बहस

Story 1

ई-रिक्शा चालकों सावधान! कहीं आपका वाहन भी तो नहीं हो सकता रिमोट से बंद?

Story 1

6 किलोमीटर तक पीठ पर बीमार छात्रा को उठाकर चली वार्डन: इंसानियत की मिसाल देख दुनिया हुई मुरीद

Story 1

इंग्लैंड में टीम इंडिया की हार: हार के बाद ईशान किशन ने बताई सबसे बड़ी कमजोरी