तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बार फिर अपने द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने की इच्छा जताई है। इस्तांबुल में हुई मुलाक़ात में दोनों नेताओं ने व्यापारिक लक्ष्य को दोहराया, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। वर्तमान में यह व्यापार बमुश्किल 1 अरब डॉलर के आसपास सिमटा हुआ है।
दोनों देशों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी में भाईचारे और रणनीतिक साझेदारी के बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन आर्थिक आंकड़े इन दावों की पुष्टि नहीं करते। तुर्की-पाकिस्तान का व्यापार न केवल सीमित है, बल्कि इसमें स्थिरता का भी अभाव है। कश्मीर जैसे मुद्दों पर तुर्की के पाकिस्तान-समर्थक रुख ने राजनीतिक गर्मजोशी तो बढ़ाई है, लेकिन इसका व्यापारिक लाभ न के बराबर रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि जिन मुद्दों पर तुर्की पाकिस्तान का साथ देता है, उन्हीं मुद्दों के कारण भारत और तुर्की के बीच तनाव रहा है। इसके बावजूद, सच्चाई यह है कि भारत तुर्की के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। भारत और तुर्की का द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा समय में लगभग 10 अरब डॉलर है, जिसे दोनों देश 20 अरब डॉलर तक ले जाने की महत्वाकांक्षा रखते हैं।
भारत और तुर्की के संबंधों में ऐतिहासिक रूप से दो बड़ी बाधाएं रही हैं:
हालांकि, अतीत में कुछ ऐसे मौके भी आए जब संबंध सुधरने की उम्मीद जगी थी, जैसे 2000 में तुर्की के तत्कालीन पीएम बुलांत एजेवेत का दौरा, जिन्होंने कश्मीर मुद्दे पर समाधान के लिए द्विपक्षीय बातचीत की वकालत की थी।
आज के दौर में पाकिस्तान और तुर्की का रक्षा सहयोग उनके संबंधों का मुख्य स्तंभ बन गया है। पाकिस्तान तुर्की के ड्रोन तकनीक में गहरी दिलचस्पी ले रहा है। वहीं, तुर्की की कंपनी बेयकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह भारत को अपने ड्रोन सप्लाई नहीं करेगी।
शहबाज़ शरीफ़ ने उत्तरी साइप्रस और कश्मीर के मुद्दों पर तुर्की के समर्थन के लिए आभार जताया है। लेकिन, अर्दोआन की रणनीति केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। वे ईरान-अमेरिका संबंधों और मध्य-पूर्व की राजनीति में खुद को एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं, जहाँ पाकिस्तान की भूमिका उनके लिए एक मचान का काम कर रही है।
अंततः, 5 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य केवल एक राजनीतिक वादा बनकर रह जाता है या हकीकत में बदलता है, यह आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल, भारत के साथ बढ़ता आर्थिक वॉल्यूम तुर्की के लिए पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक व्यावहारिक सत्य बना हुआ है।
Pakistan’s PM Shehbaz Sharif:
— Clash Report (@clashreport) July 4, 2026
Pakistan will continue to stand firmly with Türkiye on the issue of the Turkish Republic of Northern Cyprus, just as it has consistently done over the last many decades.
I once again expressed Pakistan s profound appreciation for Türkiye’s… pic.twitter.com/8ExBMIYQKg
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