2027 में सपा का होगा सफाया , BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के दौरे के बीच ओपी राजभर का बड़ा दावा
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लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय दौरे ने राज्य की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। इस दौरान एनडीए के कुनबे को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर मंथन जारी है।

राजभर का सपा पर सीधा हमला एनडीए की बैठक में शामिल होने पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। राजभर ने स्पष्ट किया कि एनडीए का एकमात्र लक्ष्य 2027 में सपा को यूपी की राजनीति से पूरी तरह साफ करना है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के सभी घटक दल एकजुट हैं और 2017 से भी बेहतर प्रदर्शन के लिए कमर कस चुके हैं।

403 सीटों पर एनडीए की नजर ओपी राजभर ने कहा कि एनडीए राज्य की सभी 403 सीटों पर पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि बैठक में संजय निषाद, आशीष पटेल और जयंत चौधरी जैसे सहयोगी दल एक मंच पर बैठकर इस बात की रणनीति बना रहे हैं कि कैसे बूथ स्तर पर प्रबंधन को और मजबूत किया जाए।

नितिन नवीन की रणनीति का केंद्र बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला यूपी दौरा बेहद खास माना जा रहा है। लखनऊ के ताज होटल में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा मुख्यालय में पार्टी पदाधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद यह संकेत साफ हैं कि 2027 में टिकट वितरण पूरी तरह से मैरिट के आधार पर होगा।

विपक्ष के PDA फॉर्मूले की काट राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन का यह दौरा विपक्षी पार्टियों, खास तौर पर इंडिया गठबंधन के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट तैयार करने के लिए है। संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर तालमेल और विपक्षी चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए भाजपा अब जमीनी स्तर पर अपनी नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।

अयोध्या प्रकरण के बाद बदली हुई यूपी की सियासी परिस्थितियों को देखते हुए नितिन नवीन का यह दौरा भाजपा के लिए 2027 की लड़ाई में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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