कांग्रेस की बैठक में हंगामा: अल्पसंख्यकों के अपमान पर भड़के वसीम खान, केसी वेणुगोपाल के सामने खोली पोल
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गोवा कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष वसीम खान ने नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में ही उन्होंने पार्टी में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।

क्यों भड़के वसीम खान? विवाद की मुख्य वजह बैठक में अल्पसंख्यक विभाग के पदाधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया जाना था। इस पर अपना विरोध जताते हुए वसीम खान ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कांग्रेस को अल्पसंख्यकों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यदि पार्टी में अल्पसंख्यक विभाग की कोई अहमियत नहीं है, तो बेहतर होगा कि इस विभाग को बंद ही कर दिया जाए।

बैठक से बाहर निकाले गए नेता घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बहस के दौरान एक अन्य कांग्रेस नेता वसीम खान को बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद वसीम खान खुद बैठक छोड़कर बाहर निकल आए।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, अगर कांग्रेस में अल्पसंख्यकों के प्रति इतनी नफरत है, तो गोवा इकाई में आखिर चल क्या रहा है? यहां अल्पसंख्यकों का कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राहुल गांधी का सम्मान करते हैं, लेकिन गोवा में पार्टी जिस तरह से व्यवहार कर रही है, उससे वे बेहद आहत हैं।

बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। गोवा बीजेपी ने अपने आधिकारिक हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि खुद कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है कि पार्टी में उनके वर्ग के लिए कोई जगह या सम्मान नहीं है।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति का असली चेहरा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों का समर्थन तो लेती है, लेकिन सत्ता मिलने के बाद उन्हें हाशिए पर धकेल देती है।

गोवा कांग्रेस में गहराता संकट यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब गोवा कांग्रेस पहले ही अंदरूनी कलह से जूझ रही है। पार्टी के भीतर से ही नई राजनीतिक पार्टी बनाने की चर्चाओं ने आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

2027 के विधानसभा चुनावों के लिए केसी वेणुगोपाल राज्य के नेताओं के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं, लेकिन इस घटना ने पार्टी की एकजुटता के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इस डैमेज कंट्रोल को संभाल पाती है या यह आंतरिक फूट पार्टी के लिए बड़ा संकट साबित होगी।

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