तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग विदेशी ताकतों के लिए कोई सैन्य प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम घरीबाबादी ने ब्रिटेन और फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी बाहरी सैन्य दखल के गंभीर परिणाम होंगे।
ईरान की कड़ी चेतावनी घरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान इस जलमार्ग की सुरक्षा का मुख्य गारंटर है। उन्होंने भविष्य में किसी भी बाहरी सैन्य गतिविधि पर सख्त नजर रखने की बात दोहराई। उनके मुताबिक, होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल तटवर्ती देशों की है और संकट पैदा करने वालों को अंजाम झेलने होंगे।
क्या है विवाद की जड़? यह तनाव ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस संयुक्त बयान के बाद बढ़ा है, जिसमें उन्होंने ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन भेजने की बात कही थी। पश्चिमी देशों का तर्क है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इस रास्ते का सुरक्षित रहना अनिवार्य है।
ईरान का रुख: नियंत्रण हमारा है ईरान ने इस सैन्य योजना को सिरे से खारिज किया है। घरीबाबादी ने तंज कसते हुए कहा कि होर्मुज अमेरिका के CENTCOM (सेंट्रल कमांड) के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि ईरान के प्रभाव क्षेत्र में है। ईरान का मानना है कि पश्चिमी देश इस क्षेत्र पर अपना सुरक्षा ढांचा थोपने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे तेहरान कभी स्वीकार नहीं करेगा।
क्यों अहम है होर्मुज? दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार इसी संकीर्ण रास्ते से होकर गुजरता है। फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग विश्व अर्थव्यवस्था की धमनी माना जाता है। यही कारण है कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश यहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहते हैं, जबकि ईरान इसे अपना संप्रभु क्षेत्र मानता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर संग्राम ईरान का बयान 2 जुलाई को बहरीन में आयोजित अमेरिकी समर्थित सुरक्षा शिखर सम्मेलन की तीखी आलोचना के बाद आया है। ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि खाड़ी देशों की सुरक्षा का फैसला लेने का हक केवल स्थानीय देशों को है। फिलहाल, इस संवेदनशील क्षेत्र में सैन्य हलचल और तीखी बयानबाजी ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
تنگه هرمز میدان نمایش نظامی قدرتهای فرامنطقهای نیست. ایران بهعنوان قدرت مسئول و ضامن امنیت تنگه، نسبت به هر حرکت نظامی در این آبراه حساس هشدار میدهد. امنیت هرمز با دولتهای ساحلی است؛ بحرانسازان مسئول پیامدهای ماجراجویی خود خواهند بود؛ این هشدار جدی است. pic.twitter.com/v9n2GdHnb6
— Gharibabadi (@Gharibabadi) July 4, 2026
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