टीएमसी में मची खलबली: ममता की सीक्रेट चिट्ठी और चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के अचानक इस्तीफे ने पार्टी की नींव हिला दी है।

ममता की वो गोपनीय चिट्ठी जो बनी विवाद की जड़

पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के पीछे 15 जून को लिखा गया एक पत्र है। ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सचिव को एक गोपनीय चिट्ठी भेजी थी। इसमें स्पष्ट किया गया था कि टीएमसी की ओर से चुनाव आयोग के साथ संवाद या किसी भी सांगठनिक फैसले के लिए सिर्फ दो नेता ही अधिकृत होंगे—राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और संयुक्त सचिव डेरेक ओब्रायन।

अभिषेक और डेरेक को मिले सारे अधिकार

ममता बनर्जी ने इस पत्र के जरिए साफ कर दिया था कि इन दो नेताओं के अलावा पार्टी का कोई भी अन्य पदाधिकारी चुनाव आयोग के समक्ष टीएमसी का प्रतिनिधित्व करने का कानूनी अधिकार नहीं रखता। इस फरमान ने पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को सीमित कर दिया था।

क्या अपमानित महसूस कर रही थीं चंद्रिमा?

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 5 जून को ही प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाली थी। महज एक महीने के भीतर उनका इस्तीफा चौंकाने वाला है। जानकारों का मानना है कि 15 जून की चिट्ठी ने चंद्रिमा को हाशिए पर ला खड़ा किया था। इस्तीफे में उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि अब वह चुनाव आयोग के समक्ष अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर काम नहीं करेंगी, जो उनके अंदर के दर्द को बयां करता है।

बागी गुट और ममता का डैमेज कंट्रोल

यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब बागी नेता रीतब्रत बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात कर 58 विधायकों के समर्थन का दावा किया। ममता का पत्र कथित तौर पर बागी गुट को चुनाव आयोग में समानांतर दावेदारी करने से रोकने की कोशिश थी। लेकिन दीदी का यह दांव उल्टा पड़ गया और चंद्रिमा जैसी वफादार नेता ने उनका साथ छोड़ दिया।

पिसि-भाईपो की पार्टी में सिमटती टीएमसी?

विपक्षी बीजेपी इस घटनाक्रम को टीएमसी के अंत की शुरुआत बता रही है। शंकर घोष जैसे नेताओं का कहना है कि पार्टी में अब सिर्फ पिसि-भाईपो (ममता और अभिषेक) ही रह जाएंगे। फिलहाल, चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस कदम ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पार्टी में मचे गृहयुद्ध को सार्वजनिक कर दिया है।

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