पूर्णिया विश्वविद्यालय का बड़ा बदलाव: पीएचडी का नया ड्राफ्ट और 1 वर्षीय पीजी कोर्स को मिली मंजूरी
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पूर्णिया विश्वविद्यालय में शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने की कवायद तेज हो गई है। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित 26वीं विद्वत परिषद् की बैठक में कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और यूजीसी के दिशा-निर्देशों को मजबूती से लागू करना है।

पीएचडी के नए प्रारूप से शोध को मिलेगी नई गति

विश्वविद्यालय ने पीएचडी के लिए नया ड्राफ्ट अध्यादेश पारित कर दिया है। यूजीसी के नए मानकों पर आधारित इस अध्यादेश का उद्देश्य शोध की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है। इससे शोधार्थियों को अब बेहतर शोध माहौल और वैश्विक मान्यता वाली विनियमावली का लाभ मिलेगा।

पीजी अब एक और दो साल के विकल्प में

उच्च शिक्षा को अधिक लचीला बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब छात्र अपनी पसंद के अनुसार दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) या एक वर्षीय (दो सेमेस्टर) पीजी कोर्स का चयन कर सकेंगे। इन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी अध्यादेशों को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है।

9 विषयों के बदले सिलेबस और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम

छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 9 प्रमुख विषयों के सिलेबस में बदलाव किया गया है:

इंटर्नशिप, एग्जिट ऑप्शन और डिजिटल क्लासरूम

सीबीसीएस (CBCS) स्नातक कोर्स के तहत छात्रों को अब इंटर्नशिप और एग्जिट ऑप्शन की सुविधा मिलेगी, जिससे पढ़ाई बीच में छोड़ने पर भी छात्रों का वर्ष बर्बाद नहीं होगा। साथ ही, शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कैंपस में एक हाईटेक लेक्चर रिकॉर्डिंग स्टूडियो और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, शोध पत्रिका का नियमित प्रकाशन और छात्रों के लिए शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tour) को अनिवार्य किया गया है।

कुलपति का संकल्प: शिक्षा में मील का पत्थर

कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि ये निर्णय पूर्णिया विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने दोहराया कि विश्वविद्यालय छात्र-केंद्रित और शोधोन्मुख शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार ने भी विश्वास जताया कि इन सुधारों से विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए शिखर को छुएगा।

बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और कॉलेजों के प्राचार्य मौजूद रहे।

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