नेशनल डेस्क: क्या तकनीक के जरिए दिल्ली के ट्रैफिक जाम, जलभराव और प्रदूषण जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म किया जा सकता है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए आयोजित दिल्ली नेक्स्ट-कोड, क्रिएट एंड चेंज कार्यक्रम में देशभर से आए युवाओं ने क्रांतिकारी समाधान पेश किए हैं। सरकार अब इन चयनित 60 आइडियाज को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है।
क्या है दिल्ली नेक्स्ट मिशन? दिल्ली नेक्स्ट एक सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों, स्टार्टअप फाउंडर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच देना है, ताकि वे राजधानी की नागरिक समस्याओं का समाधान निकाल सकें। इस पहल ने एक करोड़ से अधिक युवाओं तक अपनी पहुंच बनाई है। कड़ी स्क्रीनिंग के बाद 60 सर्वश्रेष्ठ टीमों को अपने मॉडल पेश करने का मौका मिला।
किन चुनौतियों पर हुआ मंथन? इन 60 टीमों ने मुख्य रूप से शहर की पांच बड़ी समस्याओं को अपना केंद्र बनाया:
युवाओं की सोच से बदलेगा प्रशासन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी केवल नौकरी की तलाश नहीं कर रही, बल्कि व्यावहारिक समाधान विकसित कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सरकारी सेवाएँ अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकें।
केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा आइडिया इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल एक प्रतियोगिता बनकर नहीं रहेगा। चयनित टीमों को दिल्ली सरकार के संबंधित विभागों के साथ जुड़कर काम करने का अवसर मिलेगा। इन समाधानों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लिए सरकार इन युवाओं को तकनीकी सहायता और विशेषज्ञों की मेंटरशिप भी प्रदान करेगी।
सुशासन और नवाचार का संगम सरकार का मानना है कि यदि स्टार्टअप्स और प्रशासन एक साथ आएं, तो शहरी जीवन को सुगम बनाना आसान है। इन पायलट प्रोजेक्ट्स की सफलता के आधार पर आने वाले समय में इन मॉडलों को पूरी दिल्ली में बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। यह पहल सुशासन में तकनीक के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।
आज Delhi Next – Code, Create & Change में देशभर से आए युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और इनोवेशन को देखकर मन गर्व से भर गया।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) July 2, 2026
यह देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम है, जिसने 1 करोड़ से अधिक युवाओं तक अपनी पहुंच बनाई। उनमें से चुनी गई शीर्ष 60 टीमों ने ट्रैफिक, जलभराव, प्रदूषण,… pic.twitter.com/3npCjE6401
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