मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं, पेड़ उखड़कर गिर रहे हैं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।
रेड और ऑरेंज अलर्ट: कहाँ बना है खतरा? मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। अगले 72 घंटों में 200 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ, कोंकण और मराठवाड़ा के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। एहतियात के तौर पर पालघर, रायगढ़ और पनवेल में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
पिछले 24 घंटों का भीषण आंकड़ा बारिश का तांडव सांताक्रूज (165.9 मिमी), जुहू एयरपोर्ट (164.5 मिमी) और राम मंदिर स्टेशन (157 मिमी) के आंकड़ों से साफ झलकता है। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में औसत से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
अंधेरी से बांद्रा तक जलभराव और यातायात की समस्या अंधेरी, सांताक्रूज, खार, बांद्रा और कुर्ला जैसे इलाकों में भारी जलभराव हुआ है। अंधेरी सबवे पूरी तरह बंद है, जबकि वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लंबा जाम लगा है। शहर भर में अब तक 135 से अधिक जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
3 जुलाई का दिन: हाई टाइड बढ़ा सकता है मुश्किल BMC ने नागरिकों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। 3 जुलाई को हाई टाइड (उच्च ज्वार) आने की संभावना है। यदि भारी बारिश के दौरान समुद्र का जलस्तर बढ़ता है, तो पानी की निकासी असंभव हो जाएगी, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा।
प्राकृतिक जल स्रोतों की स्थिति लगातार बारिश से जलाशयों में पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विहार झील 57% के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि अन्य झीलों का स्तर अभी भी चिंताजनक है। बारिश से जल संकट तो कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल बाढ़ का डर ज्यादा बना हुआ है।
मुंबई में हादसे: थम नहीं रही मौतों की रफ्तार बारिश के कारण हुए हादसों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। चेंबूर में पेड़ गिरने से एक 11 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं वालकेश्वर और कामोठे में स्लैब गिरने से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। भूस्खलन और दीवारों के ढहने की घटनाओं ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।
क्यों हर साल डूबती है मुंबई? मुंबई की पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था, अतिक्रमण और वेटलैंड्स का विनाश हर साल मानसून में शहर को घुटनों पर ले आता है। BMC के तमाम दावों के बावजूद, 2005 की आपदा जैसे हालात फिर से दोहराए जा रहे हैं। रेड अलर्ट के बीच, नागरिकों को बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
*A humble request to @mybmc, @MTPHereToHelp@Dev_Fadnavis @AshwiniBhide
— Mumbai Rains (@rushikesh_agre_) July 2, 2026
Mumbai has unfortunately witnessed multiple tree fall incidents over the past few days, including tragic loss of lives along with heavy #MumbaiRains ⛈️🔴
With another active spell expected around July 4-7,… pic.twitter.com/EZn8T3kfQ1
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