दिल्ली से देहरादून की दूरी को महज ढाई घंटे में समेटने का दावा करने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे इन दिनों अपनी इंजीनियरिंग के बजाय विवादों के कारण चर्चा में है। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक हाईवे की पहली ही बारिश में पोल खुल गई है।
पहली बारिश में ही उखड़ी सड़क 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के महज ढाई महीने बाद ही एक्सप्रेसवे की स्थिति चिंताजनक हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह साफ देखी जा सकती है। वीडियो बनाने वाले यात्रियों का दावा है कि खराब सड़क के कारण कई गाड़ियाँ अपना संतुलन खो बैठीं और कई वाहनों के टायर व अलॉय व्हील्स को भारी नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला इस मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि इतने विशाल बजट के बावजूद निर्माण कार्य में भारी धांधली और पैसों का बंदरबांट किया गया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जिस रफ्तार से देश में पुल गिर रहे हैं और सड़कें धंस रही हैं, उससे साफ है कि सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर हेरफेर हो रहा है।
आम जनता का फूटा गुस्सा सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने भी सरकार और ठेकेदारों के प्रति नाराजगी जाहिर की है। यूजर्स का कहना है कि जिसे विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बताया गया था, वह पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका। एक यात्री उस्मान ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि गड्ढों के कारण उनकी गाड़ी का व्हील टेढ़ा हो गया और उन्हें बीच रास्ते में ही परेशान होना पड़ा।
क्या है इस एक्सप्रेसवे की खासियत? कुल 213 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण जरिया माना गया था।
जवाब का इंतजार फिलहाल, इस खस्ताहाल सड़क को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि, विपक्षी हमले और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों ने निर्माण की गुणवत्ता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। क्या यह महज एक तकनीकी चूक है या वाकई भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा एक महंगा प्रोजेक्ट? यह जांच का विषय है।
*नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था।
— Congress (@INCIndia) July 2, 2026
लेकिन 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस वे में 2 महीने बाद ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए।
ये दिखाता है कि इस एक्सप्रेस वे को बनाने में जमकर भ्रष्टाचार और पैसों का बंदरबांट किया गया है।… pic.twitter.com/yvrjGWOmMk
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