मई में वेनेज़ुएला में मर्चेंट नेवी में कार्यरत 33 वर्षीय भारतीय नाविक राकेश चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अब इस मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी राकेश का शव जब उनके घर पहुंचा, तो अंदरूनी अंगों का नामोनिशान नहीं था।
शव के साथ क्या हुआ?
फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) के अनुसार, वेनेज़ुएला के अधिकारियों ने बिना किसी ऑटोप्सी रिपोर्ट या स्पष्टीकरण के राकेश का शव भारत भेजा था। भारत में जब शव की दोबारा जांच (पोस्टमॉर्टम) की गई, तो रिपोर्ट में भयावह तथ्य सामने आए।
जांच में पता चला कि शव के अंदर न तो हृदय था, न दिमाग, न फेफड़े और न ही लिवर, किडनी व आंतें। यहां तक कि थायरॉइड और लैरिंक्स जैसे अंग भी गायब थे। शरीर पर गर्दन से लेकर पेट तक टांकों के भारी निशान थे, जो किसी बड़ी सर्जरी या अंग निकाले जाने की ओर इशारा करते हैं।
कंपनी के दावों पर सवाल
राकेश के परिवार का आरोप है कि उन्हें शुरुआत में अंधेरे में रखा गया। शिपिंग कंपनी ने पहले दावा किया था कि राकेश गिर गए थे और उनका इलाज चल रहा है, अगले दिन कहा गया कि बचने की 95% संभावना है, और शाम तक मौत की पुष्टि कर दी गई। कंपनी ने शव एक हफ्ते में भेजने का वादा किया था, लेकिन शव एक महीने बाद पहुंचा।
मामले की पूरी सच्चाई क्या है?
फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पोस्टमार्टम में अंगों को निकाला जाता है तो उसकी प्रक्रिया का लिखित रिकॉर्ड होता है और परिवार को इसकी जानकारी दी जाती है। इस मामले में कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, जिससे यह मामला अंग तस्करी (Organ Trafficking) या किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
न्याय की मांग
राकेश चौहान के पिता राम देव चौहान ने सरकार से कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, FSUI ने विदेश मंत्रालय और वेनेज़ुएला स्थित भारतीय दूतावास से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक यह भी नहीं पता कि राकेश की मौत किन परिस्थितियों में और कैसे हुई थी।
फिलहाल, इस दिल दहला देने वाली घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
*⚠️ SHOCKING CASE — Indian Seafarer #RakeshChauhan reported dead in #Venezuela.
— FSUI (@FSUIINDIA) June 30, 2026
Mortal remains sent back to his hometown in Uttar Pradesh without any autopsy report or details from Venezuelan authorities.
Family demanded re-autopsy. The official Post-Mortem Report conducted in… pic.twitter.com/4dGSZtPEfp
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