ग्रामीण भारत में रोजगार की तस्वीर आज से पूरी तरह बदल गई है। दशकों पुरानी मनरेगा (MGNREGA) योजना का स्थान अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G ने ले लिया है। सरकार ने इसे आज से पूरे देश में लागू कर दिया है।
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल भर में 100 की जगह 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और परिवारों की आजीविका के साधन बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
श्रमिकों के लिए आर्थिक राहत भी दी गई है। अब देशभर में औसत दिहाड़ी ₹298.8 से बढ़कर ₹327.4 प्रति दिन हो गई है। यानी प्रत्येक श्रमिक को प्रतिदिन लगभग 28 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
योजना को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि आवंटित की है। इसका मुख्य उद्देश्य मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और विकास कार्यों में कोई बाधा न आने देना है।
सरकार ने सीमलेस ट्रांजिशन सुनिश्चित किया है। जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा है, उनके पुराने जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड मिलने तक मान्य रहेंगे। इससे काम और मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक काम से वंचित न रहे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 24 राज्यों ने अपनी योजनाएं पहले ही जारी कर दी हैं।
#WATCH | Itanagar, Arunachal Pradesh | Union Minister Shivraj Singh Chouhan says, Today is a historic day. Yesterday marked the conclusion of MGNREGA. A scheme superior to MGNREGA, which provides for 125 days of employment instead of 100, has come into effect today: VB-G RAM G.… pic.twitter.com/h9py6Axn4N
— ANI (@ANI) July 1, 2026
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