अमेरिका में लंबे समय से चल रही कानूनी जंग का पटाक्षेप हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विवादास्पद कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया है, जिसके जरिए वे बर्थराइट सिटिज़नशिप (जन्मसिद्ध नागरिकता) को खत्म करना चाहते थे। इस फैसले ने न केवल संविधान के 14वें संशोधन की महत्ता को बहाल किया है, बल्कि अमेरिका में रह रहे लाखों प्रवासियों को बड़ी राहत दी है।
ट्रंप प्रशासन का दावा था कि संविधान के 14वें संशोधन में वर्णित अधिकार क्षेत्र के भीतर (Subject to the jurisdiction thereof) शब्द उन बच्चों को नागरिकता से बाहर रखते हैं, जिनके माता-पिता वैध नागरिक नहीं हैं। हालांकि, चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई में सर्वोच्च अदालत ने इस दलील को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरजमीं पर जन्म लेने वाला हर बच्चा जन्म से ही अमेरिकी नागरिक है।
अदालत ने अपने फैसले में 1898 के ऐतिहासिक यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क मामले का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला एक सदी से भी अधिक समय से अडिग है और इसके तहत माता-पिता की नागरिकता चाहे जो भी हो, अमेरिका में जन्मा बच्चा नागरिकता पाने का पूर्ण हकदार है। जस्टिस सोनिया सोटोमेयर और एमी कोनी बैरेट सहित अन्य जजों ने भी इस संवैधानिक सिद्धांत का समर्थन किया।
यह फैसला उन 16 लाख भारतीय-अमेरिकियों के लिए बेहद अहम है, जो जन्म के अधिकार से अमेरिकी नागरिक बने हैं। वर्तमान में अमेरिका में रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए 12 लाख से अधिक भारतीय कतार में हैं। दशकों से H-1B वीज़ा पर रह रहे इन परिवारों के लिए ट्रंप का आदेश एक डरावने सपने जैसा था, जिससे उनके बच्चों की नागरिकता का भविष्य अधर में लटक गया था। इस फैसले ने इन बच्चों को सुरक्षा की एक बड़ी गारंटी दी है।
फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने इसे देश के लिए गलत नीति बताया और अप्रत्यक्ष रूप से इसे चीन की कूटनीतिक जीत करार दिया। ट्रंप ने कांग्रेस से अपील की है कि वे कानून बनाकर बर्थराइट सिटिज़नशिप को खत्म करें।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने फिलहाल लाखों लोगों का भविष्य सुरक्षित कर दिया है, लेकिन ट्रंप की कांग्रेस से की गई अपील ने एक नए सियासी सस्पेंस को जन्म दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि संविधान का 14वां संशोधन साधारण कानूनों से नहीं बदला जा सकता, फिर भी ट्रंप का अड़ियल रुख आने वाले दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी में नए घमासान का संकेत दे रहा है।
MAJOR BREAKING: The US Supreme Court has just ended Trump s ban on Birthright Citizenship, siding with our 14th Amendment.
— Brian Krassenstein (@krassenstein) June 30, 2026
In other words Trump continues to go against the US Constitution and SCOTUS continues to pushed back.
If you were born in the United States you a a US… pic.twitter.com/lfgklS6Tie
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