चेंबूर बस हादसा: उसे क्रिकेट खेलने जाना है... , बैट थामे खामोश मां का वह अधूरा इंतजार
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मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार को हुई एक दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। स्कूल से घर लौट रही एक बस पर अचानक गिरे विशालकाय पेड़ ने 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की जान ले ली। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते बच्चे का भविष्य छीन लिया, जो बड़े होकर टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखता था।

मौत का साया: दोपहर की सामान्य वापसी बनी काल

मंगलवार की दोपहर चेंबूर के यूनिवर्सल स्कूल के बच्चों के लिए हमेशा की तरह सामान्य थी। 13 बच्चे अपनी स्कूल बस में सवार होकर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में एक विशाल पेड़ अचानक बस की छत पर आ गिरा। जोरदार धमाके के बाद मची चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। आसपास के लोगों और बस कंडक्टर ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे से बच्चों को बाहर निकाला। 12 बच्चे सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन विहान ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

बैट थामे मां का अनकहा दर्द

हादसे के बाद सामने आया एक दृश्य किसी का भी दिल तोड़ देने के लिए काफी है। विहान की मां जूही श्रीवास्तव अपने बेटे का क्रिकेट बैट सीने से चिपकाए बदहवास बैठी हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, स्कूल से लौटते ही विहान सबसे पहले क्रिकेट खेलने भागता था। अपनी मां के लाडले विहान के लिए हर दिन यही दिनचर्या थी। आज वही बैट उसकी मां के लिए उसके वजूद का आखिरी हिस्सा बन गया है।

उसे देर हो रही है... मां की पथराई आंखें

शोक में डूबी मां का मानसिक संतुलन इस सदमे से बुरी तरह डगमगा गया है। वह किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं हैं। वे बार-बार बस एक ही बात दोहरा रही हैं, उसे अभी खेलने जाना है, उसे देर हो रही है, वह बस आता ही होगा। विहान के पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद होनहार और संस्कारी बच्चा था, जो अक्सर प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने की बातें किया करता था।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए एक मां के दर्द को साझा किया। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि मानसून की दस्तक से पहले पुराने और खतरनाक पेड़ों की छंटाई क्यों नहीं हुई? क्या नगर प्रशासन के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? 12 बच्चों का बचना भले ही राहत की बात है, लेकिन एक मासूम की मौत ने सिस्टम की बड़ी विफलता और लापरवाही को उजागर कर दिया है।

फिलहाल, विहान के अधूरे सपने और उसके घर लौटने का कभी पूरा न होने वाला इंतजार हर किसी की आंखों में आंसू ला रहा है।

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