96 घंटे बाद मलबे से मिली नई जिंदगी : वेनेजुएला भूकंप के बीच पिता-पुत्र का चमत्कारिक बचाव
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वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के चार दिन बाद एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया को उम्मीद की नई किरण दी है। मलबे के ढेर में दबे एक पिता और उनके बेटे को 96 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के 72 घंटे बाद किसी के जीवित मिलने की संभावना न के बराबर होती है, ऐसे में यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

मलबे के बीच से सुरक्षित निकले पिता-पुत्र

रविवार को बचाव अभियान के दौरान राहतकर्मियों ने जब मलबे को हटाया, तो वहां पिता और पुत्र जिंदा मिले। दोनों मिट्टी से पूरी तरह ढके हुए थे। बचाव दल का मानना है कि लंबे समय तक मलबे में फंसने के दौरान भीषण गर्मी और दम घुटने की स्थिति से बचने के लिए उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए होंगे। बचाव दल ने उन्हें अस्थायी स्ट्रेचर पर लिटाकर एम्बुलेंस तक पहुँचाया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में इलाज

फ्रांसीसी सिविल सिक्योरिटी टीम के अनुसार, चार दिन तक बिना भोजन-पानी के रहने के कारण दोनों की स्थिति बेहद नाजुक थी। उनके शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो गई थी। बचाव कर्मियों ने बाहर निकालते ही उन्हें नियंत्रित तरीके से हाइड्रेट किया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेज दिया। डॉक्टर फिलहाल उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

माँ और मासूम बच्ची को भी मिली नई जान

इसी बचाव अभियान के दौरान एक दिन पहले एक माँ और उसकी नौ महीने की बच्ची को भी मलबे से सुरक्षित निकाला गया था। जान बचाने के लिए बचाव दल ने उन्हें बाहर निकालने से पहले मलबे के भीतर ही इंट्रावेनस (IV) ड्रिप की व्यवस्था की थी, ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर लाया जा सके।

युद्धस्तर पर जारी है खोजबीन

वेनेजुएला में आए इस शक्तिशाली भूकंप में अब तक 1,450 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। फ्रांस की सिविल सिक्योरिटी टीम और अमेरिका की फेयरफैक्स काउंटी की रेस्क्यू यूनिट आधुनिक सेंसर और सर्च कैमरों की मदद से लापता लोगों को खोजने में जुटी है।

बीते सप्ताहांत बचाव दलों ने 33 लोगों को मलबे से जिंदा निकाला है। भले ही समय बीतने के साथ जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, लेकिन बचाव दल अभी भी हजारों लापता लोगों की तलाश में रात-दिन एक किए हुए हैं। यह रेस्क्यू ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि हर एक जीवन कीमती है और उम्मीद तब तक नहीं छोड़नी चाहिए जब तक सांस चल रही है।

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