कोलकाता: इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के विधायक और पश्चिम बंगाल की राजनीति में तेजी से उभरते चेहरे नवशाद सिद्दीकी ने एक विवादास्पद मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। सिद्दीकी ने साफ कर दिया है कि किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को कटघरे में खड़ा करना न केवल अनुचित है, बल्कि भेदभावपूर्ण भी है।
विरोध का अधिकार, लेकिन सामूहिक दोषारोपण क्यों? नवशाद सिद्दीकी ने तर्क दिया कि यदि कोई व्यक्ति गलती करता है, तो उसके खिलाफ विरोध जताना लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर तीखी आपत्ति जताई कि हर बार एक व्यक्ति की गलती पर पूरे मुस्लिम समुदाय को विरोध प्रदर्शन के लिए क्यों मजबूर या प्रेरित किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया, अगर कोई गलत बात करता है, तो उसका समर्थन किसी हाल में नहीं किया जाना चाहिए। मेरे छह साल के राजनीतिक करियर में मैंने कभी ऐसी भाषा का समर्थन नहीं किया, और न ही मेरी पार्टी ऐसे बयानों का समर्थन करती है।
ममता बनर्जी के बयान का स्वागत हालिया विवादित भाषण पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया का सिद्दीकी ने स्वागत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रुख की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों पर निष्पक्षता जरूरी है।
विधानसभा में बिल के खिलाफ रुख राजनीतिक गहमागहमी के बीच, सिद्दीकी ने विधानसभा में अपनी भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल ही में पेश किए गए एक बिल के खिलाफ कुल 17 विधायकों ने मतदान किया था। सिद्दीकी ने दावा किया कि उन्होंने सबसे पहले इस बिल का विरोध किया और उनके साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों ने भी इसके खिलाफ वोट डाला।
कौन हैं नवशाद सिद्दीकी? भांगर विधानसभा सीट से विधायक नवशाद सिद्दीकी पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक अहम युवा चेहरा बनकर उभरे हैं। 1993 में जन्मे सिद्दीकी फुरफुरा शरीफ के प्रतिष्ठित सिद्दीकी परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके बड़े भाई अब्बास सिद्दीकी ने 2021 में ISF की नींव रखी थी।
अलिया विश्वविद्यालय से शिक्षित नवशाद को मुस्लिम, दलित और वंचित समुदायों की मुखर आवाज माना जाता है। धार्मिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद, वह अपनी राजनीति को समावेशी रखने का प्रयास करते हैं। उनके इस हालिया बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विधानसभा में बदले समीकरणों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
*Kolkata, West Bengal: ISF MLA Nawshad Siddiqui says, If someone makes a mistake, it is a person’s right to protest. Why should all Muslims protest? That is my biggest objection. Secondly, if there is anything offensive, in my six-year political career I have never said such… pic.twitter.com/sg7ZO7ZcP3
— IANS (@ians_india) June 29, 2026
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