ऑपरेशन सिंदूर: शहीद जवानों के नाम सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय और विपक्ष में तकरार, संसद गुमराह करने के लगे आरोप
News Image

ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह भारतीय जवानों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल पर अंकित किए जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर संसद को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।

रक्षा मंत्रालय का बचाव: बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया विपक्ष के तीखे हमलों के बाद रक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि 28 जुलाई 2025 को संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, उस समय सोशल मीडिया पर यह भ्रामक प्रचार फैलाया जा रहा था कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए हैं। रक्षा मंत्री का बयान उसी विशिष्ट झूठ के जवाब में था, न कि कुल हताहतों को लेकर।

मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि सरकार शहीदों के बलिदान का पूरा सम्मान करती है और उनके परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इन वीर जवानों के नाम आधिकारिक तौर पर नेशनल वॉर मेमोरियल की दीवारों पर अंकित हैं।

विपक्ष का हमला: राजनाथ सिंह के पास पद पर रहने का अधिकार नहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री का पुराना वीडियो साझा करते हुए कहा कि या तो राजनाथ सिंह को अपने मंत्रालय के तथ्यों की जानकारी नहीं थी, या फिर उन्होंने जानबूझकर सच्चाई छिपाई। दोनों ही स्थितियों में यह गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

विपक्षी दलों, जिनमें आम आदमी पार्टी और आरजेडी भी शामिल हैं, ने सरकार पर राष्ट्रवाद की आड़ में सैनिकों की शहादत को छिपाने का आरोप लगाया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सदन की गरिमा सर्वोच्च है और वहां गलत तथ्य पेश करना देश के साथ विश्वासघात है।

कौन थे वो 6 शूरवीर? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जान गंवाने वाले जिन छह जवानों के नाम अब सार्वजनिक किए गए हैं, उनमें सेना और वायुसेना के जवान शामिल हैं:

रक्षा विशेषज्ञों की चिंता रक्षा मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को खतरनाक बताया है। उनका तर्क है कि शहीद जवानों की जानकारी सार्वजनिक न करना और केवल प्रचार (स्पेक्टेकल) पर ध्यान देना सुरक्षा के नजरिए से चिंताजनक है।

अब इस पूरे प्रकरण के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार को शहादत की जानकारी साझा करने में एक साल का लंबा समय क्यों लगा और क्या संसद में दी गई सफाई विपक्ष को संतुष्ट कर पाएगी?

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कूनो नदी को पुनर्जीवन: 43 करोड़ की परियोजना से खिलेंगे गुना के किसानों के चेहरे

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप: केप वर्डे का ऐतिहासिक कारनामा, नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बना

Story 1

राम मंदिर चंदा विवाद: महंत राजू दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य को दी जूतों से पीटने की चेतावनी

Story 1

मोदीजी, आपका जनादेश केवल पार्टी के लिए नहीं, आपकी जिम्मेदारी कहीं ज्यादा बड़ी है : प्रणब मुखर्जी के वे शब्द जो आज भी गूंजते हैं

Story 1

नौकरी छूटी, वीजा संकट और फिर भारत के खिलाफ विस्फोट ... ये है जय मूंदड़ा की फिल्मी कहानी

Story 1

हार्दिक पांड्या ने कर ली गुपचुप शादी? वायरल फोटो के पीछे का सच आया सामने

Story 1

44 साल का इंतजार खत्म: सेशेल्स में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भावुक हुए भारतीय प्रवासी

Story 1

केतन हत्याकांड: खोपड़ी चकनाचूर, हाथ-पैर टूटे थे ; रेस्क्यू करने वाले का खुलासा और सिया की ठंडी प्रतिक्रिया

Story 1

सेशेल्स में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज: दुनिया के सबसे बुजुर्ग कछुए जोनाथन को खिलाया खाना

Story 1

फरहाना भट्ट के घर में कोल्ड वॉर : मां ने वीडियो जारी कर आरोपों को नकारा, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस