शोएब अख्तर के भाई का अंतिम संस्कार या आतंकियों का जमघट? पाकिस्तान फिर बेनकाब
News Image

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का इस्लामाबाद में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, लेकिन यह कार्यक्रम एक गंभीर विवाद में घिर गया है। अंतिम संस्कार के दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कई शीर्ष चेहरों की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की पोल खोल दी है।

आतंकियों का खुला जमावड़ा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अंतिम संस्कार में लश्कर से जुड़े कई कथित आतंकवादी शामिल हुए। इनमें पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह, अब्दुल्ला तूर, हाफ़िज़ उमर और अमजद भट्टी जैसे नाम शामिल हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और वैश्विक आतंकी हाफ़िज़ सईद के बेटे तलहा सईद की मौजूदगी रही। PMML को प्रतिबंधित जमात-उद-दावा (JuD) का ही एक मुखौटा संगठन माना जाता है।

क्या पाकिस्तान सुरक्षित पनाहगाह है? यह घटना एक बार फिर इस कड़वे सच को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सेफ हेवन बना हुआ है। तलहा सईद का सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखना कोई इत्तेफाक नहीं लगता। इससे पहले अप्रैल में भी उसे प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह के साथ एक ही मंच साझा करते देखा गया था।

यह दिखाता है कि पाकिस्तान की सत्ता और आतंकी संगठनों के बीच गहरे संबंध अब सार्वजनिक हो चुके हैं।

वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की नाकामी भारत ने बार-बार वैश्विक संस्थाओं के सामने यह मुद्दा उठाया है कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए होने दे रहा है। मार्च में आई अमेरिकी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट ने भी इस पर मुहर लगाई थी।

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया था कि पाकिस्तान उन आतंकवादी समूहों और व्यक्तियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रहा है, जो पड़ोसी देशों में अशांति फैलाते हैं। बावजूद इसके, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की खामोशी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

अख्तर के भाई का निधन शोएब अख्तर ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपने बड़े भाई शाहिद अख्तर के निधन की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दी थी। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए उनके अल्लाह के पास जाने की पोस्ट शेयर की थी। हालांकि, शोएब ने उनकी मौत के कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया था।

अंतिम संस्कार में आतंकियों की इस भीड़ ने शोएब अख्तर के निजी कार्यक्रम को एक राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी बहस में बदल दिया है। पाकिस्तान सरकार के इन तत्वों पर कार्रवाई न करना यह साबित करता है कि वहां सिस्टम और आतंक का चोली-दामन का साथ है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मेधावी छात्रों के लिए सुनहरा अवसर: 30 जून को होगा प्रतिभा सम्मान समारोह 2026

Story 1

मॉर्निंग वॉक बनी जानलेवा चुनौती: महिला के सामने आया 180 किलो का भालू, फिर हुआ कुछ ऐसा

Story 1

आंधी-तूफान के साथ 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून की रफ्तार से बदलेगा मौसम का मिजाज

Story 1

बिहार में आम का महाकुंभ : सबौर में 9 राज्यों की 1000 किस्मों के साथ राष्ट्रीय आम समागम का आगाज

Story 1

14 साल की उम्र, बुर्ज खलीफा में ऑफिस: दुबई में तहलका मचा रहा भारत का यह AI जीनियस

Story 1

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी क्यों? ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर ने तोड़ी चुप्पी

Story 1

सेशेल्स पहुंचे पीएम मोदी: हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत

Story 1

तेज प्रताप यादव के ड्राइवर को मिली धमकी: गवाही दी तो पूरे परिवार का कर लेंगे अपहरण

Story 1

टी20 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया के सामने करो या मरो की स्थिति में टीम इंडिया, सेमीफाइनल की राह होगी साफ

Story 1

जैकी श्रॉफ की दोहरी खुशी: यादें के 25 साल पूरे, आरडी बर्मन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि