अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मंदिर ट्रस्ट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अब संतों और राजनेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए सवाल इस मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के गठन पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा, जब ट्रस्ट बन रहा था, तभी चंपत राय जैसे लोगों को शामिल करने का विरोध किया गया था। इन्हें मंदिर चलाने का कोई अनुभव नहीं था। ट्रस्ट को केवल अपने विश्वस्त लोगों को सेट करने के लिए बनाया गया था, ताकि मनमानी की जा सके। अब वही पाप बाहर निकलकर आ रहा है।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप: भाजपा का विपक्ष पर हमला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की एक सुनियोजित साजिश है। पाठक ने दो टूक कहा कि पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
क्या वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है? विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर में हुए इस गबन के मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि उच्च पदों पर बैठे लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। इस पर डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि पुलिस अपना काम कर रही है और जो भी दोषी होगा, कानून उसे नहीं छोड़ेगा।
पक्का सिस्टम बनाने की जरूरत: हरि शंकर जैन मामले की गंभीरता पर मशहूर वकील हरि शंकर जैन ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि चढ़ावे के पैसे में हेरफेर और चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि केवल दोषियों पर कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक ऐसा फूल-प्रूफ सिस्टम बनाना होगा जिससे भगवान के धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे की मांग को जल्दबाजी बताते हुए कहा कि आरोप साबित होने के बाद ही सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
एसआईटी की जांच जारी अयोध्या पुलिस ने एसआईटी की सिफारिश के आधार पर अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि मंदिर प्रशासन की ओर से मिली शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके साथ ही, ब्रजेश पाठक ने अवैध मदरसों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल संस्थानों पर सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है।
*जब मंदिर बनाने का ट्रस्ट बन रहा था तो उसमें चंपत राय आदि क्यों लाये गये? इनको कौन सा मंदिर बनवाने और मंदिर चलाने का अनुभव था. सिर्फ इसलिए कि अपने विश्वस्त्र लोगों को इसमें सेट करना है. जिससे जब जो चाहे धीरे से कर सकें. ट्रस्ट की प्रकृति ही विश्वस्त्र लोगों के आधार पर खड़ी की… pic.twitter.com/tPzOjGvtHM
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) June 26, 2026
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