करियर की पहली ही गेंद पर जयपुर के जय मूंदरा ने उड़ाए सैमसन के होश, संजू बस देखते रह गए
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बेलफास्ट में भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मैच में एक ऐसी कहानी लिखी गई, जिसकी चर्चा फिलहाल पूरे क्रिकेट जगत में है। राजस्थान के टोंक जिले से ताल्लुक रखने वाले जय मूंदरा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत एक ऐसे जादुई पल के साथ की, जिसे वे ताउम्र याद रखेंगे। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया।

सैमसन की बड़ी चूक और मूंदरा का कहर

183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए संजू सैमसन लय में दिख रहे थे, लेकिन दूसरे ओवर में गेंदबाजी करने आए जय मूंदरा ने बाजी पलट दी। मूंदरा ने ऑफ-स्टंप के काफी बाहर 139 किमी/घंटा की रफ्तार से एक बेहतरीन लेंथ डिलीवरी डाली। सैमसन ने बिना पैर चलाए स्लैश करने की कोशिश की, जिससे गेंद बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगकर सीधे स्टंप्स में जा घुसी। संजू सैमसन जैसे अनुभवी बल्लेबाज का पहली ही गेंद पर आउट होना क्रिकेट फैंस के लिए चौंकाने वाला था।

टोंक से बेलफास्ट तक का संघर्षपूर्ण सफर

29 वर्षीय जय मूंदरा का यह सफर बेहद प्रेरणादायक है। 10 जनवरी 1997 को जन्मे जय ने अपने खेल जीवन की शुरुआत एक बल्लेबाज और स्पिनर के रूप में की थी। हालांकि, समय के साथ उन्होंने अपनी तकनीक में बदलाव किया और बाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज के रूप में खुद को स्थापित किया। 2019 में कॉर्पोरेट नौकरी के सुरक्षित विकल्प को छोड़कर, उन्होंने अपने क्रिकेट के सपने को प्राथमिकता दी।

शिक्षा और खेल का अनूठा तालमेल

जय मूंदरा ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एम.टेक (M.Tech) की डिग्री हासिल की है। साल 2021 में वे पढ़ाई के लिए छात्र वीजा पर आयरलैंड गए थे। वहां उन्होंने न केवल अपनी शिक्षा पूरी की, बल्कि डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब के लिए खेलकर अपनी पहचान बनाई। साल 2023 में आयरिश सीनियर कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा, जिसके बाद 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता मिली।

आयरलैंड के लिए इतिहास रचने वाले दूसरे भारतीय

सिमी सिंह के बाद जय मूंदरा आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के दूसरे पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं। एक छोटे से शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिग्गजों को अपनी गेंदबाजी से प्रभावित करना मूंदरा के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उनकी यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए जोखिम लेने से नहीं डरते।

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