आंध्र प्रदेश की रहने वाली 94 वर्षीय कोंद्रगुंटा महालक्ष्मीम्मा ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने अपनी दो दशक पुरानी अमेरिकी नागरिकता को त्याग दिया है, ताकि वे अपने जीवन के बचे हुए दिन एक भारतीय नागरिक के तौर पर अपनी मातृभूमि की मिट्टी में बिता सकें।
अमेरिका से भारत तक का सफर महालक्ष्मीम्मा के पति के निधन के बाद, वे बेहतर जीवन और अपने बेटे के साथ रहने के लिए अमेरिका चली गई थीं। उनके बेटे बुचैया चौधरी वर्जीनिया में कैंसर विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2000 में उन्होंने अमेरिका की नागरिकता ले ली थी। 18 वर्षों तक सुदूर देश में रहने के बाद, 2018 में वे अपने बेटे के साथ वापस भारत लौट आईं, जो तब मंगलागिरी के एनआरआई अस्पताल में सेवाएं देने लगे थे।
कलेक्टर के सामने रखी भावुक अपील हाल ही में, महालक्ष्मीम्मा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे बापटला जिले के कलेक्टर जे. वेंकट मुरली के कार्यालय में सहायता मांगती दिख रही हैं। हाथ में आवेदन लिए, इस बुजुर्ग महिला ने अधिकारियों से अपनी भारतीय नागरिकता की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।
अंतिम संस्कार मातृभूमि में ही हो कलेक्टर के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने बेहद भावुक होकर कहा, मेरी उम्र 95 साल के करीब है। मेरी एकमात्र इच्छा यह है कि मैं अपने शेष दिन एक भारतीय नागरिक के रूप में बिताऊं। मैं चाहती हूं कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे पैतृक गांव चिंथगुम्पाला में ही हो। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी अमेरिकी नागरिकता पहले ही छोड़ दी है और अब वे पूरी तरह से भारतीय बनना चाहती हैं।
प्रशासन ने दिया आश्वासन बुजुर्ग महिला की इस अटूट देशभक्ति और अपनी जड़ों से जुड़ाव को देखते हुए जिला कलेक्टर ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने उन्हें प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि उनके आवेदन को मानक प्रोटोकॉल के तहत राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि उनकी भारतीय नागरिकता बहाल हो सके।
महालक्ष्मीम्मा की यह कहानी इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है। संसाधनों और सुख-सुविधाओं से भरे अमेरिका को छोड़कर अपनी जड़ों की ओर लौटने का उनका यह निर्णय देशप्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश करता है।
Kondragunta Mahalakshmamma, 94, from AP, gave up her US citizenship so she could live the rest of her life in INDIA. She personally went to the local administration and asked to have her Indian citizenship restored. Local news said she met the District Magistrate. pic.twitter.com/oUEGcHDR9Q
— Monojit Sinha (@MonojitSinha11) June 26, 2026
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