इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के एक विवादास्पद बयान के बाद मोर्चा संभाल लिया है। रुटे ने दावा किया था कि इटली ने ईरान के साथ संघर्ष के दौरान 500 अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। इस बयान ने न केवल इटली की घरेलू राजनीति में भूचाल ला दिया, बल्कि मेलोनी सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफाई देने के लिए मजबूर कर दिया।
हमने ईरान के खिलाफ कोई युद्ध नहीं लड़ा मेलोनी ने स्पष्ट किया कि इटली ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा, महासचिव ने अपने उत्साह में अलग-अलग चीजों को एक साथ जोड़ दिया, जिससे गलतफहमी पैदा हुई। अगर हमने ईरान के खिलाफ सैन्य भूमिका निभाई होती, तो अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा बार-बार जताई जा रही निराशा का कोई अर्थ ही नहीं रह जाता।
विदेश और रक्षा मंत्रियों ने संभाला मोर्चा विवाद को थामने के लिए इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की और साफ किया कि इटली ने अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल युद्ध कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया। वहीं, रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने आधिकारिक रक्षा आंकड़े पेश करते हुए कहा कि हालिया सैन्य उड़ानों की संख्या सामान्य द्विपक्षीय समझौतों के तहत रही, न कि किसी हमले के उद्देश्य से।
ईरान की कड़ी चेतावनी ईरान ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई देश किसी आक्रामक कार्रवाई के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराता है, तो उसे सीधे तौर पर हमले में शामिल माना जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने नाटो प्रमुख के बयान का हवाला देते हुए इटली और रोमानिया के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है।
ट्रंप और मेलोनी के बीच बढ़ती तल्खी यह पूरा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी के बीच चल रहे शीत युद्ध के बीच सामने आया है। ट्रंप लगातार इटली पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिका का पर्याप्त साथ न देने का आरोप लगाते रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मेलोनी की जमकर आलोचना की थी, जिस पर मेलोनी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि उनके फैसले इटली के राष्ट्रीय हितों पर आधारित हैं, न कि किसी के दबाव या लोकप्रियता पर।
नाटो की सफाई हालात की गंभीरता को देखते हुए नाटो प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि मार्क रुटे का आशय केवल उन तकनीकी और लॉजिस्टिक सुविधाओं से था जो वर्षों पुराने द्विपक्षीय समझौतों के तहत दी जाती हैं। नाटो ने इस बात से साफ इनकार किया कि इटली ने ईरान के खिलाफ किसी सीधे हमले में भाग लिया है।
🇮🇹🇮🇷 Italy PM Meloni says Italy stayed out of the Iran conflict.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 25, 2026
Italy did not participate in the conflict with Iran.
In fact, if we had participated in the conflict with Iran, it would be difficult to explain the repeated disappointment expressed by the American President. … https://t.co/IyaVABz4rP
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