भारतीय नागरिकों की पहचान को लेकर देश में एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दिए गए एक स्पष्टीकरण ने हर हिंदुस्तानी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर उसकी नागरिकता का पक्का सबूत क्या है? मंत्रालय का कहना है कि भारतीय पासपोर्ट केवल यात्रा के लिए एक कानूनी दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं।
इस बयान के बाद मचे हंगामे पर सरकारी सूत्रों ने पासपोर्ट एक्ट, 1967 का हवाला दिया है। इस एक्ट की धारा 20 एक हैरान करने वाला प्रावधान देती है, जिसके तहत केंद्र सरकार जनहित में किसी गैर-नागरिक को भी यात्रा दस्तावेज जारी कर सकती है। वहीं, धारा 6(2)(a) कहती है कि गैर-नागरिकों को पासपोर्ट नहीं दिया जा सकता। इन्हीं अंतर्विरोधी कानूनों ने इस पूरे मामले को एक रहस्यमयी पहेली बना दिया है।
विपक्ष ने इसे सरकार की साजिश करार दिया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का आरोप है कि सरकार पासपोर्ट को नागरिकता के दायरे से बाहर रखकर अपने विरोधियों की नागरिकता छीनने की तैयारी कर रही है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा तंज कसते हुए कहा, अगर आधार और पासपोर्ट नागरिकता के सबूत नहीं हैं, तो क्या 2030 तक नागरिकता का एकमात्र सबूत बीजेपी की सदस्यता कार्ड होगा?
यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी दस्तावेज पर सवाल उठे हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि आधार केवल पहचान और पते का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं। अब पासपोर्ट के शामिल होने से आम आदमी भ्रमित है कि आखिर वह अपनी नागरिकता साबित करने के लिए किस दस्तावेज पर भरोसा करे।
इस सियासी बवंडर के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली एक नया मोड़ लेकर आई है। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए जिन 12 मान्य दस्तावेजों की सूची है, उनमें पासपोर्ट आज भी शामिल है। बिहार और असम जैसे राज्यों में पासपोर्ट के आधार पर ही मतदाता सूची में नाम जोड़े जा रहे हैं। यानी प्रशासनिक स्तर पर पासपोर्ट की स्वीकार्यता बरकरार है।
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने इस तर्क को बेतुका बताया है, तो वहीं वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चेतावनी दी है कि यह भ्रम आम नागरिकों को वोटिंग के अधिकार से भी बेदखल कर सकता है। फिलहाल, नागरिकता का फैसला सिटिजनशिप एक्ट, 1955 के तहत होता है, लेकिन दस्तावेजों की वैधता पर मचे इस महा-संकट का समाधान अब देश की सर्वोच्च अदालत को ही करना है। सबकी नजरें अब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी हैं।
#WATCH | Cavelossim, Goa: On MEA s clarification over the passport issue, Union Minister Kiren Rijiju says, It is a matter of status, so the MEA explained a process. You should have a passport, but a passport alone doesn t prove your citizenship. They explained the requirements… pic.twitter.com/2LmM3cSieI
— ANI (@ANI) June 25, 2026
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