तारातला हादसा: तृणमूल के सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार की नींव पर ढह गई 11 जिंदगियां
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कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से हुई 11 लोगों की मौत ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र के खोखलेपन को उजागर कर दिया है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पिछली TMC सरकार के कार्यकाल में फले-फूले सिंडिकेट राज और भ्रष्टाचार का परिणाम है। मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए सेना की ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) और NDRF की टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं।

बिना सॉइल टेस्ट के पास हुआ था मौत का नक्शा

जांच में खुलासा हुआ है कि जिस त्रिस्तरीय गोदाम का निर्माण हो रहा था, उसका नक्शा कोलकाता नगर निगम (KMC) ने 17 जनवरी को बिना किसी सॉइल टेस्ट या लोड टेस्ट के ही पास कर दिया था। भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े इस निर्माण में घटिया स्टील-फ्रेम का उपयोग किया गया, जो भारी-भरकम कंक्रीट का वजन झेलने में पूरी तरह विफल रहा। पुलिस ने इस मामले में गोदाम मालिक और स्ट्रक्चरल इंजीनियर सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

सत्ता के गलियारों तक जुड़ा है भ्रष्टाचार का तार

हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। मृत मुख्य कॉन्ट्रैक्टर असगर हुसैन की पूर्व मंत्री और कोलकाता के पूर्व मेयर फरहाद हकीम के साथ करीबी तस्वीरें इस बात का सबूत हैं कि कैसे अवैध निर्माण करने वाले प्रमोटरों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। स्थानीय स्तर पर TMC नेताओं का कट-मनी कल्चर इतना हावी था कि निगम के ईमानदार अधिकारियों को धमकाकर खामोश कर दिया जाता था।

कोलकाता में टिके हैं 3,000 टाइम बम

नगर निगम की वॉचलिस्ट के अनुसार, टेंगरा, तिलजला, गार्डन रीच और बड़ाबाजार जैसे इलाकों में करीब 3,000 इमारतें रेड जोन में हैं। ये इमारतें किसी भी वक्त गिर सकने वाले टाइम बम के समान हैं। बिल्डरों ने नियमों को ताक पर रखकर 2 मंजिल की इजाजत पर 5-5 मंजिलें तान दी हैं। इसके अलावा, सरकारी संरक्षण में तालाबों और जल निकायों को पाटकर खड़ी की गई ये कमजोर इमारतें शहर के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी हैं।

पिछली सरकार के पापों का फल : CM शुभेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस हादसे को पिछली सरकार के भ्रष्टाचार का फल करार दिया है। कार्रवाई करते हुए सरकार ने 31 जुलाई तक सभी निर्माणाधीन व्यावसायिक और रिहायशी प्रोजेक्ट्स पर रोक लगा दी है। अब इन सभी का कड़ा स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट होगा। सीएम ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त से केवल वही परियोजनाएं चलेंगी जो पूरी तरह वैध और सुरक्षित होंगी।

पीड़ितों को मुआवजा और सख्त कार्रवाई का संकल्प

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, PMO ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मुआवजे का ऐलान किया है। शुभेंदु सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा और तारातला जैसे हादसों को रोकने के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जो अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाने का काम करेगी।

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